तो पाकिस्तान चले गए हैं यासीन मलिक और गिलानी!
श्रीनगर। [ऋचा बाजेपई ] हर वक्त कश्मीर के आवाम की बात करने वाली हुर्रियत कांफ्रेंस और उनके हक की आवाज को बुलंद करने वाले यासीन मलिक, बाढ़ से चौपट होते हालातों के बीच कहां हैं, कश्मीर की जनता सवाल पूछ रही है।

हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता सैयद अली शाह गिलानी श्रीनगर के उन अलगाववादी नेताओं का नेतृत्व करते हैं जो अक्सर कश्मीर की आवाम को उनका हक दिलाने की बात तो करते हैं, लेकिन जब उसी आवाम पर इतनी बड़ी मुसीबत आई है तो वह उसे छोड़कर पता नहीं कहां गायब हैं।
वनइंडिया की ओर से इस बारे में जब पड़ताल की गई तो जो हकीकत मालूम चली वह हैरान करने वाली थी।
हुर्रियत ने खुद को किया राहत कार्यों से अलग!
वनइंडिया को श्रीनगर में मौजूद पुख्ता सूत्रों की ओर से जानकारी दी गई है कि उसके मुताबिक ऐसा लग रहा है कि जैसे हुर्रियत कांफ्रेंस ने खुद को बाढ़ राहत कार्यों से अलग कर लिया है। हुर्रियत की ओर से जो जानकारी दी गई है उसके मुताबिक उन्हें इस तरह के राहत कार्यों का कोई अनुभव नहीं है। ऐसे में हो सकता है कि उनके आने से मुश्किलें बढ़ जाएं। ऐसे में वह इलाकों में नहीं जा रहे हैं।
जाने माने फिल्मकार और कश्मीरी पंडितों के हितों के लिए अक्सर अपनी आवाज बुलंद करने वाले अशोक पंडित की मानें तो इन हालातों के बाद कश्मीरी लोगों को समझ आ जाना चाहिए कि हुर्रियत और यासीन मलिक कभी भी उनके लिए आवाज नहीं उठा सकते हैं।
धोखा दे रहे हैं कश्मीरियों को
श्रीनगर की डल झील पर शिकारा चलाकर अपनी बसर करने वाले शाहिद खान कुछ उन भाग्यशाली लोगों में से हैं जो अपने काम के सिलसिले में इन दिनों नई दिल्ली में हैं। शाहिद से जब हमने इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा, 'मुझे मालूम चला था कि जेकएलएफ के यासीन मलिक ने बाढ़ में घिरे कुछ इलाकों में जाकर लोगों से हाल-चाल पूछा था। लेकिन अभी जहां तक मेरी जानकारी है, वह इस
समय दिल्ली में मौजूद हैं। मुझे समझ नहीं आता कि वह कैसे अपने लोगों को वहां पर छोड़कर दिल्ली आ सकते हैं।'
शाहिद ने आगे कहा, 'दिल्ली आकर वह भाषणबाजी कर रहे हैं कि हमारा सारा ध्यान लोगों को राहत और बचाव कार्य मुहैया कराने की है। मुझे समझ नहीं आता कि कैसे सैंकड़ों किमी की दूरी पर वह लोगों को राहत मुहैया कराएंगे।' हुर्रियत के बारे में शाहिद का सीधा जवाब था, 'वह बस लोगों को धोखा दे रहे हैं और कुछ नहीं।'
लगता है पाकिस्तान चले गए हैं
कश्मीरी छात्र परवेज से वनइंडिया ने फेसबुक के जरिए संपर्क किया। परवेज कहते हैं कि हुर्रियत और बाकी नेता बस दिखावा करते हैं और उन्हें न तो कश्मीर से कोई मतलब है और न ही कश्मीरियों की समस्याओं से।
परवेज ने हमसे कहा, 'ये सभी लोग हर बार कश्मीर और कश्मीरियों के फायदे और उनकी अच्छी जिंदगी की वकालत करते नजर आते हैं। लेकिन अभी जब उनकी जरूरत है तो पता नहीं कहां हैं। मुझे तो लगता है कि ये सभी पाकिस्तान जाकर वहां पर राहत कार्यो में मदद करने लगे हैं।'












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