फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह ने रचा इतिहास, दिन में मिशन को अंजाम देने वाली पहली फाइटर पायलट बनी
नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना की लेफ्टिनेंट मोहना सिंह पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं। मोहना सिंह ऐसी लड़ाकू पायलट बनी है जो दिन में हॉक एडवांस जेट में मिशन को अंजाम देने के काबिल हैं। शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में कलाईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन पर 4-एयरक्राफ्ट काम्बैट उड़ान के बाद महिला अधिकारी ने लैंड किया जो हॉक जेट के पूरी तरह से परिचालन के लिए अंतिम उड़ान थी। मोहना सिंह राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गांव पापड़ा की रहने वाली है। इस परिवार से भारतीय वायुसेना में जाने वाली मोहना सिंह दादा व पिता के बाद तीसरी पीढ़ी है।

बताया गया है कि मोहना सिंह को दो महिलाओं भावना कंठ और अवनी चतुर्वेदी के साथ जून 2016 में फाइटर पायलट प्रशिक्षण के लिए चुना गया था इसके बाद मोहना की ट्रेनिंग शुरू हुई और अब जाकर वो पूरी तरह से फाइटर पायलट बन गई हैं। इससे पहले फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ युद्ध में शामिल होने की योग्यता हासिल करने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनी थी। वायुसेना की ओर से 22 मई को कहा गया कि भावना ने दिन में लड़ाकू विमान मिग-21 को उड़ाकर इस मिनशन को पूरा किया।
दूसरी ओर मोहना ने अपने ट्रेनिंग के दौरान एयर टू एयर मुकाबला और एयर टू ग्राउंड मिशन दोनों शामिल थे। उन्होंने कई मिशन के लिए अभ्यास किए हैं। जिसमें रॉकेट, बंदूकों गोलीबारी और उच्च कैलिबर बम गिराना शामिल है। साथ में भावना ने वायु सेना के विभिन्न स्तर के उड़ान अभ्यासों में भी हिस्सा लिया है। भावना के पास 500 घंटे से अधिक की घटना-रहित उड़ान है जिसमें 380 घंटे हॉक एमके 132 जेट पर हैं।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह फ्लाइट लेफ्टिनेंट अवनी चतुर्वेदी और फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ भारतीय वायु सेना (IAF) की महिला फाइटर पायलटों के पहले बैंच के हैं। मोहना सिंह को 2016 में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में चुना गया था।
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