Flash Back 2022: इस साल लता मंगेशकर, मुलायम सिंह समेत ये हस्तियां देश को कर गईं गमगीन
भारतीय संस्कृति, साहित्य, अर्थव्यवस्था और हमारे जीवन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली कई प्रमुख और मशहूर हस्तियों का वर्ष 2022 में निधन हो गया।

Flash back 2022: साल 2022 अब अपने अंतिम पढाव में है। ये साल जहां कई अच्छी यादें छोड़कर जा रहा है। तो वहीं कई कड़वी यादें भी लोगों के जहन में छोड़ जाएगा। ये साल पिछले 2 सालों की तुलना में काफी ठीक बीता। लेकिन भारतीय संस्कृति, साहित्य, अर्थव्यवस्था और हमारे जीवन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली कई प्रमुख और मशहूर हस्तियों का वर्ष 2022 में निधन हो गया। इनमें लता मंगेशकर, मुलायम सिंह यादव, राजू श्रीवास्तव , सिद्धू मूसेवाला समेत कई हस्तियां हमारे बीच से चली गईं। हम कुछ ऐसी ही हस्तियों के बारे में जानेंगे जिन्हें इस साल अलविदा कहा है।

लता मंगेशकर
भारत की सबसे महान और सबसे प्रभावशाली गायिका लता मंगेशकर इस साल हम सबको छोड़कर चली गईं। नाइटिंगेल ऑफ़ इंडिया कही जाने वाली भारत रत्न लता मंगेशकर निमोनिया और कोविड-19 के बाद की जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। लता मंगेशकर ने 6 फरवरी को 92 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली।

मुलायम सिंह यादव
समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के तीन बार के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का छह दशकों से अधिक का राजनीतिक करियर था। यादव को प्यार से 'नेताजी' कहा जाता है। वे भारत के रक्षामंत्री भी बने। लंबी बीमारी के बाद गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में मुलायम सिंह यादव का 82 वर्ष की आयु में 10 अक्टूबर को निधन हो गया था।

बप्पी लहरी
बप्पी दा के नाम से जाने जाने वाले गायक और संगीतकार बप्पी लहरी मनोरंजन जगत की जानीमानी हस्ती थे। उन्हें डिस्को संगीत को भारत में प्रसिद्ध बनाने का श्रेय दिया जाता है। डिस्को किंग के नाम से मशहूर प्पी दा ने देश को एक बढ़कर एक धुनें दीं। उनके नाम एक वर्ष में 180 से अधिक गाने रिकॉर्ड करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स है। उनका 15 फरवरी को 69 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

पंडित बिरजू महाराज
पद्म विभूषण से सम्मानित महान कथक नर्तक पंडित बिरजू महाराज नृत्य के अलावा एक गायक और संगीतकार के तौर पर भी जाने गए। बिरजू महाराज कथक के पर्याय थे। वह लखनऊ के कालका बिंदादीन घराने के सदस्य थे। बिरजू महाराज का पूरा नाम बृज मोहन नाथ मिश्र था। लखनऊ घराने से ताल्लुक रखने वाले बिरजू महाराज कथक नर्तक होने के साथ-साथ शास्त्रीय गायक भी थे। बिरजू महाराज के पिता और गुरु अच्छन महाराज, चाचा शंभु महाराज और लच्छू महाराज भी प्रसिद्ध कथक नर्तक थे। दिल्ली में 16 जनवरी को अपने घर पर दिल का दौरा पड़ने से 83 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।

अरुण बाली
अपने शानदार अभिनय के जाने जाने वाले एक्टर अरुण बाली का इस साल 7 अक्टूबर को निधन हो गया था। अरुण बाली लंबे समय से बीमार चल रहे थे। अरुण बाली एक दुर्लभ बीमारी Myasthenia Gravis से जूझ रहे थे। ये एक ऑटोइम्यून बीमारी है। जो नर्व्स और मसल्स के बीच कम्युनिकेशन फेलियर की वजह से होती है। अरुण बाली ने राजू बन गया जेंटलमैन, फूल और अंगारे,केदारनाथ खलानयक, थ्री इडियट्स और पानीपत समेत कई फिल्मों में शानदार अभिनय किया था।

राजू श्रीवास्तव
राजू श्रीवास्तव को 'कॉमेडी का राजा' कहा जाता था। वे एक प्रसिद्ध कॉमेडियन थे। राजू द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज, कॉमेडी सर्कस और द कपिल शर्मा शो जैसे कार्यक्रमों का हिस्सा रहे थे। दिल्ली की एक जिम में व्यायाम करते हुए दिल का दौरा पड़ने के लगभग 40 दिनों के बाद, 58 वर्ष की आयु में एम्स अस्पताल में उनका 21 सितम्बर को निधन हो गया था।

सिद्धू मूसेवाला
पंजाबी गायक-गीतकार शुभदीप सिंह सिद्धू मूसेवाला पंजाब के जाने माने गायक थे। 2017 में अपने गीत 'सो हाई'के बाद उन्हें काफी प्रसिद्धि मिली थी। पंजाब और आसपास के कई राज्यों में सूद्धू मूसेवाला युवाओं के बीच काफी फेमस थे। पंजाब के मनसा जिले में लॉरेंस बिश्नोई गैंगेस्टर के हमलावरों ने 29 मई को 28 वर्षीय गायक की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

राकेश झुनझुनवाला
'इंडियाज वारेन बफेट' राकेश झुनझुनवाला एक अरबपति शेयर निवेशक और अकासा एयर के संस्थापक थे। फोर्ब्स की 2021 की सूची के अनुसार, वह भारत के 36वें सबसे अमीर शख्स थे। रिपोर्टों के अनुसार, उनकी मृत्यु के समय उनकी कुल संपत्ति 5.8 बिलियन डॉलर थी। 62 साल की उम्र में 14 अगस्त को अचानक कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया था।

साइरस मिस्त्री
टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष और व्यवसायी साइरस मिस्त्री की अपनी कंपनी साइरस इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड टाटा संस में 18.4 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। साइरस के पास आयरिश नागरिकता थी और वह भारत का स्थायी निवासी थे। उनकी महाराष्ट्र में एक भीषण कार दुर्घटना में मौत हो गई थी। अरबपति साइरस का 54 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।

राहुल बजाज
पद्मभूषण प्राप्तकर्ता भारत में एक प्रमुख उद्योगपति और बजाज ऑटो लिमिटेड के चेयरमैन राहुल बजाज अपने सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते थे।। उनकी कंपनी ने चेतक और प्रिया जैसे लोकप्रिय स्कूटर मॉडल के माध्यम से बजाज को एक नया मुकाम दिया था। वह 2006 से 2010 तक राज्यसभा सदस्य भी रहे। हृदय और फेफड़ों की समस्याओं के कारण 12 फरवरी को उनका 83 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था।












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