जल संकट से जूझ रहे चेन्नई के लिए जोलरपेट से भेजी गई पानी से भरी 50 वैगन ट्रेन

नई दिल्ली। सूखे और पानी की कमी से जूझ रहे चेन्नई के लिए पानी से भरी 50 वैगन ट्रेन जोलरपेट रेलवे स्टेशन से निकल गई है। इस ट्रेन में किल 2.5 मिलियन लीटर पानी है। वहीं दूसरी ट्रेन भी पीनी लेकर जल्दी ही जाएगी। पानी की कमी को देखते हुए चेन्नई मेट्रो वाटर ने हर दिन 10 मलियन लीटर पानी का लक्ष्य तय किया है। वहीं एक रेलवे अधिकारी ने जानकारी दी है कि ट्रेनों की आवाजाही के बीच उपलब्ध स्लॉट को देखते हुए इसकी क्षमता बढ़ाई जा सकती है।

First 50-Wagon Train Arrives In Parched City with the water in it

वहां के प्रशासनिक मंत्री एसपी वेलूमनि ने कहा कि, 'पहली वाटर ट्रेन मिलने पर विलीवक्कम रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम की योजना बनाई गई थी। बता दें कि दक्षिणी रेलवे हर ट्रिप पर चेन्नई मेट्रो वाटर से 7.5 लाख रुपये वसूल करेगा। वहीं इस प्रोजेक्ट के लिए तमिलनाडु सरकार ने 65 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। गौरतलब है कि ट्रेन को चेन्नई के विलीवक्कम पहुंचने में पूरे पांच घंटे लगेंगे। हालांकि पानी की इस सप्लाई से चेन्नई की सप्लाई नहीं बढ़ेगी। जिससे यहां के लोगों को कम से कम 525 मिलियन लीटर पानी मिले। हालांकि जरूरत हर दिन 830 मिलियन लीटर की है। नीति आयोग के अनुसार चेन्नई भारत के उन 21 शहरों में से है जहां 2021 तक पानी पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

लोकल लेवल पर पानी की सप्लाई को पूरा करने के लिए चेन्नई मेट्रो वाटर ने 900 टैंकर तैनात कर दिए हैं। वहां के आम परिवारों का कहना है कि उन्हें पीने के लिए हर दिन टैंकर से 5 डब्बे पानी दिया जाता है। लोगों ने बताया कि निजी वाटर टैंकर्स ने स्थिति को देखते हुए अप्रैल से अपनी कीमतें दोगुनी कर दी हैं। इसको लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकारी की आलोचना की थी।

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