सावरकर के खिलाफ भाषण देने पर मैग्सेसे पुरस्कार विजेता पर दर्ज हुई FIR, AMU में कही थी ये बात
अलीगढ़। मैग्सेसे पुरस्कार विजेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता संदीप पांडे को हिंदुत्व के विचारक वीर सावरकर के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करना महंगा पड़ गया है। संदीप पांडे के खिलाफ अब हिंदू महासभा के नेता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। बता दें कि उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एक भाषण के दौरान संदीप पांडे ने आरएसएस के विचार विनायक दामोदर सावरकर पर आरोप लगाया कि वह अंग्रेजों से पेंशन लेते थे।

संदीप पांडे के खिलाफ FIR दर्ज
संदीप पांडे के इस भाषण के बाद सावरकर समर्थक उनसे नाराज हो गए और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। सिविल लाइंस सर्कल अधिकारी अनिल सामनिया ने मीडिया को बताया कि संदीप पांडे के खिलाफ हिंदू महासभा के नेता राजीव कुमार ने 20 जनवरी को शिकायत दर्ज कराई है। अनिल सामनिया ने बताया कि शिकायत मिलने पर हमने संदीप पांडे के खिलाफ धारा 153ए ( विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 505 1बी (राज्य के खिलाफ या सार्वजनिक शांति के विरुद्ध अपराध करे के लिए प्रेरित करना) आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया है।

संदीप पांडे ने दिया था ये भाषण
एफआईआर दर्ज होने के बाद संदीप पांडे ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, मैंने अपने भाषण में कहा था कि सावरकर ने अंग्रेजों से पेंशन ली और दया याचिका भी लिखी। सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा था कि गंगा-जमुनी संस्कृति के विरुद्ध कुछ लोग आज हिंदू और मुसलमानों को उसी प्रकार बांट रहे हैं जैसे ब्रिटिश राज के दौरान अंग्रेजों ने किया था। इसके बदले वह अंगेजी सरकार से वजीफा पाते थे।

सरकार पर बोला हमला
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भाषण का जिक्र करते हुए संदीप पांडे ने आगे कहा कि ये लोग 'फूट डालो और राज करो' वाली अंग्रेजों की नीति पर चल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में जिन नकाबपोश गुंडों ने हमला किया था उन्हें कुछ दक्षिणपंथी संगछनों ने किराए पर लिया था। इन्हीं लोगों ने जेएनयू, जामिया और एएमयू में शांतिपूर्ण पदर्शन को बाधित करने का काम किया। वही लोग विश्वविद्यालयों में हिंसा के असली गुनहगार हैं।
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