Father's Day: एक पिता जिन्होंने मॉडल बेटी को बना दिया IAS, दिल जीत लेगी Aishwarya Sheoran की सफलता की कहानी
Father's Day 2026: पिता अपने बच्चों का सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम होते हैं। जब बेटा या बेटी कोई बड़ा सपना देखते है, तो उसे पूरा करने के लिए सबसे पहले जिस शख्स का भरोसा काम आता है, वो माता-पिता ही होते हैं। उनका साथ और विश्वास मुश्किल से मुश्किल रास्ते को भी आसान बना देता है।
Father's Day के मौके पर आज हम आपको एक ऐसे पिता से मिलवाने जा रहे हैं जिन्होंने अपनी बेटी केसपने को पूरा करने के लिए संघर्ष किया और अपनी माॅडल बेटी को आईएएस बना दिया। ये स्टाेरी पूर्व मिस इंडिया फाइनलिस्ट रहीं ऐश्वर्या श्योराण (Aishwarya Sheoran) की है, जिन्होंने कड़ी मेहनत और पिता के मजबूत सपोर्ट से पहले ही प्रयास में यूपीएससी में साल 2019 में 93वीं रैंक हासिल की।

बेटी पर फैसले नहीं थोपा, बने मेंटॉर
2019 बैच की आईएएस अधिकारी ऐश्वर्या के पिता कर्नल अजय जो पूर्व में एनसीसी तेलंगाना बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर के पद पर रह चुके हैं। उन्होंने अपनी बेटी के इस बड़े सपने को साकार करने में एक प्रोफेशनल मेंटॉर (Professional Mentor) की तरह भूमिका निभाई। उन्होंने कभी अपनी बेटी पर अपने फैसले नहीं थोपे और हर मोड़ पर उसके साथ खड़े रहे।

बेटी के मॉडलिंंग करने के फैसले में किया सपोर्ट
बचपन से पढ़ाई में होशियार ऐश्वर्या साल 2017 में दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद मॉडलिंग में करियर बनाने की इच्छा जताई थी। किसी भी आम परिवार के लिए मॉडलिंग को करियर विकल्प के तौर पर स्वीकार करना आसान नहीं होता, लेकिन कर्नल अजय ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी बेटी के इस फैसले का सपोर्ट किया।

बेटी की मॉडलिंग के लिए मुंबई शिफ्ट हो गए
ऐश्वर्या ने मॉडलिंग की शुरुआत के साथ ही अपने पिता के सामने एक शर्त रखी थी कि उनका पूरा परिवार मुंबई शिफ्ट हो जाए। कर्नल अजय ने अपनी व्यस्त सैन्य दिनचर्या के बावजूद बेटी के सपनों के लिए तुरंत अपनी सहमति दी और परिवार के साथ मुंबई चले गए। ऐश्वर्या ने वहां मॉडलिंग की दुनिया में पहचान बनाई और वे मिस इंडिया की फाइनलिस्ट भी रहीं, लेकिन जल्द ही उन्होंने अपना रास्ता बदलने और प्रशासनिक सेवा में जाने का फैसला किया।

ऐश्वर्या के गाइड बन गए पिता
जब ऐश्वर्या ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का मन बनाया, तो कर्नल अजय कुमार एक पिता से ज्यादा उनके सबसे बड़े गाइड की भूमिका में आ गए। उन्हें पता था कि ऐश्वर्या के अंदर किसी भी काम को असाधारण ढंग से करने की क्षमता है। कर्नल अजय ने अपनी सैन्य अनुशासन की सीख को बेटी की तैयारी का सबसे मजबूत जरिया बनाया और खुद भी इस लंबी यात्रा में पूरी ऊर्जा के साथ शामिल हो गए।

डाइनिंग टेबल बना क्लासरूम
कर्नल अजय कुमार ने ऐश्वर्या की तैयारी को आसान बनाने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की। उन्हें मालूम था कि ऐश्वर्या ने लंबे समय से हिंदी विषय की पढ़ाई नहीं की थी और परीक्षा के लिहाज से यह बेहद जरूरी था। इस मुश्किल को हल करने के लिए उन्होंने डाइनिंग टेबल को ही क्लासरूम बना दिया। वे हर रोज सुबह डाइनिंग टेबल पर ऐश्वर्या को हिंदी की तैयारी कराते थे ताकि इस विषय पर उनकी पकड़ मजबूत हो सके।

बेटी का तैयारी का समय बचाने में ऐसे की मदद
यूपीएससी की परीक्षा में करेंट अफेयर्स की भूमिका सबसे अहम होती है और इसमें सबसे ज्यादा वक्त न्यूज पेपर को पढ़ने में जाता है। कर्नल अजय ने इस समय को बचाने के लिए खुद जिम्मेदारी संभाली। वे रोज सुबह ऐश्वर्या से काफी पहले उठ जाते थे और पूरा अखबार ध्यान से पढ़ते थे। वे महत्वपूर्ण खबरों और आवश्यक विषयों पर निशान लगाते थे ताकि ऐश्वर्या को अनावश्यक खबरें पढ़ने में वक्त न गंवाना पड़े।
बेटी की कैसे करते थे मदद ?
इसके अलावा, कर्नल अजय कुमार ने अपनी बेटी की पढ़ाई से जुड़ी आदतों और प्राथमिकताओं का भी पूरा ख्याल रखा। ऐश्वर्या को इंटरनेट या डिजिटल स्क्रीन पर पढ़ना ज्यादा पसंद नहीं था, वे ट्रेडिशनल तरीके से कागजी नोट्स और किताबों से पढ़ना चाहती थीं। इसे ध्यान में रखते हुए, कर्नल अजय इंटरनेट से जरूरी स्टडी मटीरियल, स्लेबस और पिछले वर्षों के परीक्षा पत्रों को ढूंढकर उनके प्रिंटआउट निकलवाकर फाइल तैयार करते थे।
बेटी को मेंटल प्रेशर से भी बचाया
एक अनुशासित सेना अधिकारी होने के नाते कर्नल अजय ने घर के अंदर पढ़ाई के माहौल को हमेशा पॉजटिव और चिंतामुक्त बनाए रखा। यूपीएससी जैसी मानसिक रूप से थका देने वाली परीक्षा के दौरान उन्होंने ये ध्यान रखा कि ऐश्वर्या पर किसी भी तरह का दबाव न आए। उन्होंने ऐश्वर्या के टाइम मैनेजमेंट में मदद करने के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित कर रखा था, जो किसी भी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र के लिए एक बड़ा संबल होता है।
पिता की मदद से पहले ही प्रयास में बनीं IAS
कर्नल अजय कुमार को ऐश्वर्या के इसी दृढ़ संकल्प के कारण उन्हें बचपन में ही उनकी इस योग्यता का आभास हो गया था। आज जब ऐश्वर्या श्योराण देश की प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा में आकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही हैं, तो उनके पिता का सिर गर्व से ऊंचा है। यूपीएससी की तैयारी कर रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए भी यह एक बेहतरीन सीख है कि कैसे रणनीतिक तैयारी, सही मार्गदर्शन और बिना किसी मानसिक दबाव के कड़े से कड़े मुकाम को भी आसानी से हासिल किया जा सकता है।
Who is IAS Aishwarya Sheoran: कौन हैं ऐश्वर्या श्योरान?
🟢 11 मार्च 1997 को जन्मीं ऐश्वर्या का परिवार मूल रूप से राजस्थान से ताल्लुक रखता है लेकिन दिल्ली में पली-बढ़ी और संस्कृति स्कूल से स्कूलिंग की और स्कूल हेड गर्ल रहींं। 97.5% अंकों के साथ टॉपर भी बनीं। दिल्ली के श्री राम ऑफ कॉलेज(SRCC) से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की।
🟢वर्ष 2015 में मिस दिल्ली का खिताब जीता। वर्ष 2014 में क्लीन एंड क्लियर फ्रेश फेस दिल्ली विजेता रहीं। वर्ष 2016 में Femina Miss India 2016 की फाइनलिस्ट बनीं। वर्ष 2016 के Lakme Fashion Week में भाग लेने वाली प्रमुख नई मॉडल्स में शामिल रहीं।
🟢वर्ष 2018 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनजमेंट में सलेक्शन हुआ लेकिन सिविल सेवा की तैयारी को प्राथमिकता दी।2018 में मॉडलिंग से ब्रेक लेकर लगभग 10 माह घर पर रहकर बिना कोचिंग यूपीएससी की तैयारी की।
🟢UPSC Civil Services Examination 2019 में प्रथम प्रयास में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 93 प्राप्त कर आईएएस अधिकारी बनी।












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