Farmers Protest: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हाईवे को स्थायी रूप से नहीं किया जा सकता बंद
नई दिल्ली, 30 सितंबर। कृषि कानूनों को लेकर जारी किसानों के आंदोलन को 10 महीने से भी ज्यादा का समय हो चुका है। विरोध प्रदर्शन से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इसी संबंध में दायर एक याचिका पर आज (गुरुवार) सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सर्वोच्च न्यायालय ने आंदोलनकारी किसानों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कृषि कानूनों को लेकर समस्या का निवारण न्यायिक मंच, आंदोलन या संसदीय बहस के माध्यम से हो सकता है। एससी ने पूछा कि राजमार्गों को कैसे अवरुद्ध किया जा सकता है?

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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार के विरोध के कारण किसानों द्वारा सड़क जाम हटाने की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की है। न्यायालय ने कहा कि किसी भी हाईवे को स्थायी रूप से बंद नहीं किया जा सकता है। न्यायालय ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए यह भी कहा कि हाईवे और सड़कों को जाम नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा कोर्ट ने कुछ किसान नेताओं के खिलाफ शिकायत के लिए केंद्र सरकार को एक एक आवेदन दायर करने की अनुमति दी है। गले सोमवार को अर्जी दाखिल होने पर मामले की सुनवाई होगी।
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गौरतलब है कि किसान आंदोलन की वजब से सड़क पर बैठे किसानों के चलते नोएडा और दिल्ली के बीच यात्रियों काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पब्लिक को होने वाली परेशानी का हवाला देते हुए नोएडा के एक शख्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जिस पर आज सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को खरी-खरी सुनाई। केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर तुषार मेहता ने कहा कि हमने तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर किसान नेताओं को बुलाया था और अन्य स्थान पर धरने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने अस्वीकार कर दिया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में आप न्यायालय में आवेदन क्यों नहीं करते। तब सॉलिसिटर तुषार मेहता ने कहा कि हम आवेदन दाखिल करेंगे।












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