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farmers' protest: सिंघु बॉर्डर पर लगे हैं 370 पोर्टेबल टॉयलेट, हर दिन निकलता है सैकड़ों किलो कचरा

नई दिल्ली। farmers' protest at the Singhu border: दिल्ली में बढ़ती ठंड और सर्द हवा के बीच कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ किसानों (Farmers) का आंदोलन जारी है। आंदोलन को 23 दिन हो चुके हैं। यहां पर लोगों को सिर्फ सर्दी ही नहीं कई अन्य तरह की परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। हालांकि दिल्ली सरकार ने किसानों के लिए कई तरह का व्यवस्थाएं की हैं। जिनमें एक है पोर्टेबल टॉयलेट। सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर 370 टॉयलेट स्थापित की गई हैं। अब इन पोर्टेबल टॉयलेट की देखरेख कर रहे कर्मचारी अपनी दिक्कतें बता रहे हैं।

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    इंडियन एक्सप्रेस की एक स्टोरी के मुताबिक, यहां पर पोर्टेबल टॉयलेट लगाने वाले 30 वर्षीय यशपाल सिंह ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेले 2019 में 11 हजार टॉयलेट स्थापित किए थे। उनके लिए सिंघु बॉर्डर पर 370 टॉयलेट स्थापित करना और उसकी देखरेख करना उनके लिए कोई मुश्किल काम नहीं है। फिर भी, वह हर दिन 12 घंटे से अधिक काम करते हैं। भूटानी इंटरनेशनल द्वारा प्रदान किए गए 37 आदमी, जो शौचालयों की सफाई का काम करते हैं, की निगरानी करते हैं।

    कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हजारों किसान 26 नवबंर से सिघु बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं। 37 पोर्टेबल टॉयलेट स्थापित किए गए हैं, जिनमें से हर एक में 10 टॉयलेट हैं। शौचालयों की साफ सफाई करने वाले एक वर्कर ने बताया कि, मैं दो साल से ये काम कर रहा हूं। मुझे रोजाना के 400 रुपये मिलते हैं। मैं 10 घंटे की शिफ्ट करता हूं। अन्य दिनों में ओवरटाइम भी करता हूं और दो शिफ्ट भी करता हूं। यहां ओवर टाइम के बाद भी लगातार समस्याएं बनी हुई हैं। टॉयलेट इस्तेमाल करने वाले कोई नल खुला छोड़ देता है तो कुछ फ्लश नहीं करते हैं। पास के एक गाँव में, कंपनी ने दो बड़े कमरे किराए पर लिए हैं जहाँ 35 से अधिक संविदा कर्मचारी रहते हैं। पहली पारी सुबह 5 बजे शुरू होती है और 1 बजे तक चलती है, दूसरी रात 1 बजे शुरू होती है और 11 बजे तक चलती है।

    सुपरवाइजर मनोज ने बताया कि, इसके अलावा, पास में गुरु तेग बहादुर मेमोरियल में 11 शौचालय हैं, प्रदर्शनकारी उन्हें भी इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें 8 लोगों की ये टीम उन टॉयलेट की साफ करती है। हम इस तरह की भारी भीड़ को हर साल हैंडल करते हैं, लेकिन इस बार ये संख्या बहुत अधिक है। इसके अलावा हरियाणा और दिल्ली सरकार द्वारा किसानों के लिए 300 से अधिक पोर्टेबल टॉयलेट टिकरी बॉर्डर पर लगाए गए हैं । इनकी साफ-सफाई के लिए 50 से अधिक वर्कर तैनात हैं।

    टिकरी बॉर्डर पर काम करने वाली सफाईकर्मी 24 वर्षीय मुमताज बताती हैं कि, हम यहाँ दो सप्ताह से ज्यादा काम कर रहे हैं। सुबह 8 से शाम 6 बजे तक काम करते हैं। यह थका देने वाला काम है। यहां हजारों लोग हैं। हम शौचालय और सड़कों से कचरे को इकट्ठा करने के लिए बैग लाते हैं और दिन के अंत तक इस बैग का वजन 30 किलोग्राम से ज्यादा हो जाता है। बहादुरगढ़ के एक वरिष्ठ जिला अधिकारी ने कहा, हमने ग्राउंड पर कई कार्यकर्ताओं को तैनात किया है। पूरे दिन में बहुत ज्यादा कचरा निकलता है, जो खासकर शौचालयों, भोजन और अन्य सामग्रियों से जुड़ा होता है। हमने 200 से अधिक वाहनों को शौचालयों के साथ भेजा है।

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