7 जिलों में इंटरनेट शुरू, सिंघु-टिकरी बॉर्डर खुले, जानिए किसान आंदोलन को लेकर कहां तक पहुंची बात?
Farmers Protest: पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर अब भी 'दिल्ली चलो' मार्च में भाग लेने वाले हजारों डेरा डाले हुए हैं। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से "किसानों के साथ जो कुछ भी हो रहा है" उसपर बोलने की गुजारिश की है।
किसानों ने अपना 'दिल्ली चलो' मार्च 29 फरवरी तक रोक दिया है और शंभू और खनौरी सीमाओं पर बैठे हुए हैं। इस बीच सिंघु और टिकरी बॉर्डर फिर से खोल दिए गए हैं। वाहन चालकों को इससे राहत मिली है।

वहीं हरियाणा के 7 जिलों में इंटरनेट सेवा फिर से शुरू की गई है। किसान आंदोलन की वजह से 13 फरवरी से 7 जिलों में इंटरनेट बंद था। इसके अलावा सीमा सुरक्षा व्यवस्था में भी ढील दी गई है। कुछ दिन पहले आंदोलन के दौरान मारे गए किसान की मौत पर शोक जताते हुए शनिवार (24 फरवरी) को धरनास्थल पर कैंडल मार्च निकाला गया था।
Farmers Protest: जानिए किसान आंदोलन पर अब तक के बड़े अपडेट
- किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने रविवार (25 फरवरी) को कहा कि जब तक केंद्र सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती तब तक विरोध जारी रहेगा और दिल्ली चलो मार्च पर फैसला 29 दिसंबर को लिया जाएगा।
- उन्होंने कहा, "आज शंभू और खनौरी में मोर्चों का 13वां दिन है। आज हम दोनों सीमाओं पर एक सम्मेलन करेंगे क्योंकि विश्व व्यापार संगठन पर चर्चा होगी। हमने मांग की है कि कृषि क्षेत्र को डब्ल्यूटीओ से बाहर निकाला जाना चाहिए।"
- उन्होंने कहा, "हम शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे... हम पीएम मोदी से किसानों के साथ जो कुछ भी हो रहा है उस पर बोलने के लिए कह रहे हैं।"
- प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को सीमा पर शंभू और खनौरी में चल रहे आंदोलन के दौरान मारे गए किसान की याद में कैंडल मार्च निकाला। 21 फरवरी को खनौरी में हुई झड़प में 21 साल के शुभकरण की मौत हो गई थी। उनका दाह संस्कार अभी तक नहीं हुआ है क्योंकि किसान नेता इस बात पर अड़े हुए हैं कि पंजाब सरकार उनकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे।
- केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने चर्चा के लिए सरकार की बात को दोहराते हुए कहा कि,"हमें कोशिश करना चाहिए कि देश में शांति बनी रहे...हमने हमेशा बातचीत की है और आगे भी हम समाधान निकालने के लिए ऐसा करेंगे। हम सभी सुझावों का भी स्वागत करते हैं। मुझे उम्मीद है कि हम इस मुद्दे पर आगे भी चर्चा करेंगे। भारत सरकार कृषि क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित है।''












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