सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने शूटर को पकड़ा, 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली में 4 किसान नेताओं को गोली मारने की साजिश
सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने शूटर को पकड़ा, दावा- 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली में 4 किसान नेताओं को गोली मारने की थी साजिश
Farmers Protest Singhu border News: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कृषि कानून (Agricultural Law) को रद्द कराने की मांग को लेकर दिल्ली-हरियाणा सिंघु बॉर्डर किसान आंदोलन कर रहे हैं। सिंघु बॉर्डर से शुक्रवार (22 जनवरी) एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सिंधु बॉर्डर पर किसान नेताओं ने दावा किया है कि उन्होंने एक संदिग्ध शूटर को पकड़ा है। कथित शूटर के चेहरे पर नकाब लगाकर किसानों द्वारा मीडिया के सामने लाया गया है। कथित शूटर ने दावा किया है कि ये 26 जनवरी को वो किसान ट्रैक्टर रैली में गोली चलाकर माहौल खराब करने की साजिश रच रहा था और चार किसान नेताओं को गोली मारने वाला था। शूटर ने इसके अलावा दिल्ली पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शूटर ने दावा किया है कि 26 जनवरी को कुछ गलत होने पर मंच पर बैठे चार किसान नेताओं को गोली मारने के उसे आदेश दिए गए हैं।
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न्यूज एजेंसी द्वारा इसका वीडियो भी जारी किया गया है। पकड़े गए संदिग्ध ने दावा किया है कि वो आने वाली 26 तारीख को किसान ट्रैक्टर रैली में गोली चलाकर माहौल खराब करना चाहता था। साथ ही संदिग्ध ने दावा किया है कि वो 23 से 26 जनवरी के बीच चार किसानों को गोली मारी जानी थी। उसने ये भी दावा किया है कि वो महिलाओं का काम भी लोगों को भड़काना था। संदिग्ध ने कबूल किया है कि उसने जाट आंदोलन में भी माहौल खराब करने का काम किया है।
संदिग्ध ने दावा किया कि 26 जनवरी को स्टेज पर चार किसान नेता होंते, उनको गोली मारने को कहा गया था। इसके लिए शूटर को चार लोगों की तस्वीर दी गई थी।
संदिग्ध ने कहा कि जिसने ये सब उसे करने को कहा है और सिखाया है वो राइ थाने का एसएचओ प्रदीप है, जोकि हमेशा अपना चेहरा ढ़क कर रखता था। हालांकि बाद इस शख्स को दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
संदिग्ध ने ये दावा किया है कि प्रदर्शनकारी किसान हथियार लेकर जा रहे हैं या नहीं, यह पता लगाने के लिए दो टीमें लगाई गई हैं। शूटर ने बताया कि वह 19 जनवरी से सिंघु बॉर्डर पर है। उसने अपने प्लान के बारे में दावा किया है कि अगर 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर रैली निकालते तो वह किसानों के साथ ही रैली में मिलकर हिस्सा लेता। अगर प्रदर्शनकारी परेड के साथ निकलते तो हमें उनपर फायर करने के लिए कहा गया था।
संदिग्ध ने ये दावा किया है कि उनकी 10 लोगों की टीम है। उसने कहा कि 26 जनवरी को रैली में किसानों को शूट करने का आदेश दिया गया है।
संदिग्ध ने कहा कि उसने 2016 में जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के दौरान भूमिका निभाई थी। उसने ये भी दावा किया कि वह करनाल जिले में हाल ही में एक रैली के दौरान "लाठीचार्ज" में शामिल थे। संदिग्ध के दावे के बाद किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि उनके चल रहे आंदोलन को तोड़ने के लिए साजिशें रची जा रही हैं।












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