Farmer Protest: 'कृषि मंत्री करें वार्ता...नहीं तो रविवार को फिर दिल्ली कूच', केंद्र को किसानों का अल्टीमेटम
Farmer Protest: किसान लगातार अपनी मांगों को लेकर केंद्र को निशाने पर ले रहे हैं। दिल्ली में एंट्री लेने की जिद से पीछे हटे किसानों ने केंद्र को वार्ता के लिए समय देने के साथ अल्टीमेटम दिया है। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि भारत सरकार ने हमें रोकने के लिए बल प्रयोग किया, हम निहत्थे थे। हमने अनुशासन के साथ 101 लोगों का अपना प्रतिनिधिमंडल भेजा है। पंढेर ने कहा कि किसान नेता सीधे केंद्र सरकार से बात करना चाहते हैं, अगर सरकार सामने नहीं आती है, फिर से विरोध तेज किया जाएगा।
किसान संगठनों ने सरकार को 24 घंटे का वक्त दिया है। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने चेतावनी दी की है सरकार को किसानों की मांगों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मांगें नहीं मानी गई तो 24 घंटे बाद फिर शांतिपूर्ण प्रदर्शन होगा।

किसान नेताओं ने कहा कि जब भारतीय, विदेशी ताकतों से अनाज के लिए भीख मांगते थे, तब हमने कड़ी मेहनत की और भारत को अनाज के लायक बनाया। यह हमारी नैतिक जीत है। हम बातचीत से भागने वाले नहीं हैं। फिलहाल हमने मार्च को आज और कल के लिए टाल दिया है, क्योंकि सरकार ने हमसे बातचीत के लिए संपर्क किया।
बता दें कि किसान संगठनों, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर 101 किसानों का एक जत्था न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर शंभू सीमा स्थित अपने विरोध स्थल से शुक्रवार दोपहर एक बजे दिल्ली के लिए पैदल मार्च शुरू किया। इस दौरान प्रशासन स्थिति को संभालने के लिए बल का प्रयोग किया। बाद मे प्रशासनिक अधिकारियों के आग्रह पर किसान संगठनों ने विरोध फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया।
किसान संगठनों में दो फाड़
10 फीसदी भूखंड देने समेत मांगों को लेकर दस संगठनों के दिल्ली कूच के आंदोलन को लेकर किसानों में दो फाड हो गए है। भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने लाइव आकर सोशल मीडिया पर दिल्ली कूच न करने की बात कही है। वहीं नौ संगठन अभी भी दिल्ली कूच कर गिरफ्तारी देने में लगे है। शुक्रवार को भी परी चौक पर पचास से अधिक किसान और महिलाओं को दिल्ली कूच करने के प्रयास में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।












Click it and Unblock the Notifications