कसाब को फांसी के तख्ते तक पहुंचाने वाले वकील के साथ वारदात
उज्जवल निकम ने मुंबई आतंकी हमले के गुनहगार अजमल कसाब को फांसी के तख्ते तक पहुंचाया था। उनके जेड सिक्योरिटी कवर मिली हुई है।
मुंबई। प्रसिद्ध सरकारी वकील उज्जवल निकम को जेड सिक्योरिटी मिलने के बाद भी उनकी सुरक्षा में सेंध लगाकर अज्ञात चोर उनका मोबाइल चोरी करके फरार हो गया। उज्जवल निकम देश के जानेमाने वकील हैं, जो मुंबई हमले का केस की बागडोर संभाले हुए थे और जिन्होंने अजमल कसाब जैसे आतंकवादी को फांसी के तख्ते तक पहुंचाया था।

ट्रेन में सफर करते वक्त हुई चोरी
देश की सुरक्षा को भेदनेवाले आतंकवादियों के खिलाफ केस लड़नेवाले उज्जवल निकम की सुरक्षा में ही सेंध लगाकर चोरों ने उनका मोबाइल चुराकर जेड सुरक्षा पर सवालियां निशान खड़ा कर दिया है। उज्जवल निकम दादर-पाठणकोट एक्स्प्रेस में सफर कर रहे थे, इस दौरान उनका मोबाइल चोरी हो गया। ज्ञात हो कि 2009 से निकम मुंबई हमले का केस लड़ रहे हैं, तब से उनको जेड सुरक्षा प्रदान की गई है।

दोनों मोबाइल पर चोरों ने किया हाथ साफ
उज्जवल निकम यह मुंबई से जलगांव के लिए दादर-अमृतसर-पठाणकोट एक्सप्रेस में रात के समय सफर कर रहे थे। सफर के दौरान भी जेड सुरक्षा प्रदान की गई थी। कड़ी सुरक्षा होने के बावजूद चोर ने बड़ी सफाई से उज्जवल निकम के दोनों मोबाइल पर हाथ साफ कर दिया। रात के समय सोते वक्त उज्जवल निकम ने दोनों मोबाइल तकिये के पास रखे थे, जब सुबह सोकर उठे तो दोनों मोबाइल अपनी जगह से गायब थे। उनकी सिक्योरिटी में लगे सुरक्षाकर्मियों ने भी मोबाइल खोजने के काफी प्रयास किए पर उनके दोनों मोबाइल नहीं मिले। दोनों मोबाइल कब और कैसे चोरी हुए, इसको लेकर सभी सुरक्षाकर्मी और खुद उज्जवल निकम हैरान हैं।

उज्जवल निकम ने की रेलवे पुलिस में शिकायत
जलगांव स्टेशन में उतरने के बाद उज्जवल निकम और उनके सुरक्षा रक्षकों ने रेलवे पुलिस में शिकायत दर्ज करायी है। मुंबई हमले का केस लड़ने की शुरुवात निकम ने 2009 से की थी, तबसे उनको जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की गई थी इसलिए जब भी वे ट्रेन से सफर करते हैं, तो उनके साथ एके-47 लेकर सुरक्षाकर्मी और रेलवे प्रशासन की तरफ से एन्ट्री-एक्जिट के स्थान में कॉन्स्टेबल सुरक्षा के लिए होता है।












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