फेसबुक की नई पहल, अब हेल्थ एक्सपर्ट आपको रखेंगे फर्जी खबरों से दूर
नई दिल्ली, 17 जून। भारत में कोरोना संक्रमण के दौरान लोगों को जागरूक करने के लिए और कोरोना से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए फेसबुक बड़ी पहल करने जा रहा है। फेसबुक थर्ड पार्टी फैक्ट चेकिंग कार्यक्रम की शुरुआत करने जा रहा है, जिसमे स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने की कोशिश की जाएगी। फेसबुक ने द हेल्दी इंडियन प्रोजेक्ट यानि थिप के साथ साझेदारी की है, जिसके जरिए फेसबुक पर स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को समझने में मदद मिलेगी। थिप भारत में फेसबुक का पहला हेल्थ स्पेशलिस्ट पार्टनर है। थिप अनुभवी और वेरिफाइड डॉक्टरों की मदद से फैक्ट चेकिंग करेगा और गुमराह करने वाली खबरों और गलत दावों से आपको दूर रखेगा। यह हिंदी, अंग्रेजी, बंग्ली, पंजाबी, गुजराती भाषा में लोगों को दवा, डाइट और इलाक के बारे में जानकारी देगा।

बड़ी संख्या में फर्जी कंटेन्ट को हटाया गया
बता दें कि महामारी के दौरान फेसबुक ने 18 मिलियन से अधिक गलत जानकारी फैलाने वाले कंटेंट को हटाया था। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 167 मिलियन फर्जी खबरों को थर्ड पार्टी फैक्ट चेकर्स के माध्यम से फेसबुक ने कोरोना काल में हटाया था। पूरी दुनिया में फेसबुक तकरीबन 80 फैक्ट चेकिंग सहयोगियों के साथ मिलकर 60 से अधिक भाषाओं में कंटेंट पर निगरानी रखता है और गलत जानकारी देने वालों को प्लेटफॉर्म से हटाया गया है। फेसबुक के अनुसार कंपनी ने जिन फैक्ट चेकिंग पार्टनर के साथ करार किया है उन्हें स्वतंत्र संस्था द्वारा सर्टिफाइड किया गया है। भारत में फेसबुक ने 10 फैक्ट चेकिंग पार्टनर के साथ करार किया है, अमेरिका के बाद सर्वाधिक फैक्ट चेकिंग पार्टनर भारत में ही हैं। भारत में अंग्रेजी और 11 अन्य भाषाओं में फैक्ट चेकिंग की जाती है। जिसमे हिंदी, बंगाली, तेलुगू, मलयालम, तमिल, मराठी, पंजाबी, ऊर्दू, गुजराती, आसामी, कन्नड़ भाषा शामिल है।
फर्जी खबर फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई
थर्ड पार्टी फैक्ट चेकर्स खबरों को चेक करती है,इसमे लिखे तथ्यों को चेक करती है कि क्या ये तथ्यात्मक रूप से सही है और फिर इनकी सटीकता को सत्यापन किया जाता है। जब फैक्ट चेकर्स खबर को गलत करार देते हैं तो फेसबुक न्यूज फीड में इन्हें नीचे कर देता है, साथ ही इन खबरों को देखने वाले लोगों की संख्या को कम कर देता है। जो पेज और डोमेन लगातार इस तरह की गलत खबरें साझा करते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है, उनके आर्टिकल पर मोनेटाइजेशन को हटा दिया जाता है। जब इन खबरों को साझा किया जाता है तो आपको चेताया जाता है कि यह खबर फर्जी है लिहाजा यूजर को खुद फैसला लेना होता है कि वह इसे पढ़े, इसपर भरोसा करे या साझा करे।
दिल्ली सरकार भी संभावित तीसरी लहर की तैयारी में जुटी
बता दें कि कोरोना की संभावित लहर को देखते हुए दिल्ली सरकार भी तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को ऐलान किया कि दिल्ली सरकार 5000 कम्युनिटी नर्सिंग असिस्टैंट की एक फोर्स को तैयार करेगी जो कोरोना संक्रमण की तीसरी संभावित लहर में मदद करेगी। नर्सों की इस टीम को पैरामेडिक्स, लाइफ केयर, होम केयर, फर्स्ट ऐड, इंजेक्शन लगाने, वैक्सीन का लगाने और कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लेने आदि काम के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिनकी उम्र 18 से अधिक है और उन्होंने 12वीं पास कर लिया है वो इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। 17 जून से इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। चयनित लोगों को आईपीए यूनिवर्सिटी में ट्रेनिंग दी जाएगी और ये लोग डॉक्टरों की मदद करेंगे और जब कोरोना की संभावित तीसरी लहर में इनकी आवश्यकता होगी तो इन्हें ड्यूटी पर लगाया जाएगा।












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