मुंबई में ब्लैक फंगस से संक्रमित 3 बच्चों की आंखों में फैला संक्रमण, आपरेशन कर निकालनी पड़ी आंख
मुंबई, 17 जून। मुंबई में ब्लैक फंगस से संक्रमित तीन बच्चों की एक-एक आंख निकालने के लिए सर्जरी करानी पड़ी। इस केस ने डॉक्टरों की चिंता बढ़ा दी है। डॉक्टरों ने बताया म्यूकोर्मिकोसिस या ब्लैक फंगस के मामले चिंताजनक संकेत हैं। संक्रमण COVID-19 रोगियों में शुगर और उससे संबंधित बीमारियों को टॉरगेट करता है और यह खतरनाक है, भले ही कोई व्यक्ति कोविड से उबर चुका हो।

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ये बच्चे जिनकी उम्र क्रमशा: 4, 6 और 14 साल हैं इन तीनों बच्चों का मुंबई के दो अस्पतालों में ऑपरेशन किया गया। पहले दो बच्चे डायबिटिक नहीं हैं, लेकिन 14 साल का बच्चा पहले से शुगर पेसेंट हो गया था। डॉक्टरों ने बताया चौथा बच्चा जिसकी उम्र 16 साल थी, वो जब कोविड से ठीक हुआ तो शुगर हो गया और उसके पेट का एक हिस्सा ब्लैक फंगस से संक्रमित पाया गया।
फोर्टिस अस्पताल में वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ जेसल सेठ ने कहा "हमने दो लड़कियों को कोविड की दूसरी लहर में ब्लैक फंगस से संक्रमित देखा जो डायबिटिक थीं। जिनमें एक लड़की की उम्र 14 साल थी उसकी एक आंख 48 घंटों के भीतर काली हो गई। फंगस फैल रहा था। सौभाग्य से, यह मस्तिष्क तक नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया हमने छह सप्ताह तक उसका इलाज किया, दुर्भाग्य से, उसकी आंख चली गई।
डॉ पृथेश शेट्टी, ओकुलोप्लास्टी, ओकुलर ऑन्कोलॉजी ने बताया 16 वर्षीय बच्चा एक महीने पहले स्वस्थ था। वह कोविड से ठीक हो गया था उसे शुगर नहीं था लेकिन वह अचानक मधुमेह बीमारी के साथ हमारे यहां भर्ती हुई। उसकी आंतों से खून बहने लगा। हमने एंजियोग्राफी की और पाया कि उसके पेट के पास रक्त वाहिकाओं में ब्लैक फंगस का इंनफेक्शन था। छोटे बच्चे, जिन्हें मधुमेह नहीं था, उन्हें मुंबई के केबीएच बचाओली नेत्र और ईएनटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दोनों को कोविड था। उनकी आंखों में काला फंगस फैल रहा था और अगर हमने आंखें नहीं हटाई होती तो उनकी जान को खतरा होता। वे पहले से ही एक आंख से अंधे थे और इससे उन्हें बहुत दर्द हो रहा था। एक बच्चा पिछले साल दिसंबर में हमारे पास आया था। दूसरा मामला दूसरी लहर के दौरान आया।












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