UNSC में एस जयशंकर ने पाकिस्तान को लिया आड़े हाथ, बोले- आतंकवाद से नहीं हो सकता समझौता
नई दिल्ली, 19 अगस्त। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे और दुनिया में आतंकवाद के कहर पर बात की। अपने भाषण में एस जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को भी आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि चाहे वह अफगानिस्तान में हो या भारत के खिलाफ, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन आज भी बिना किसी कार्रवाई और प्रोत्साहन के साथ काम कर रहे हैं।

Recommended Video
यूएनएससी में बोलते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा,
हमारे अपने पड़ोस में आईएसआईएल-खोरासन (आईएसआईएल-के) एक्टिव है और वह लगातार अपने पैर पसारने की कोशिश कर रहा है। अफगानिस्तान में होने वाली घटनाओं ने क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंताओं को बढ़ा दिया है। प्रतिबंधित हक्कानी नेटवर्क की बढ़ती गतिविधियां इस चिंता का एक बड़ा उदाहरण है। हमें कभी भी आतंकवादियों के लिए पनाहगाहों की ओर से मुंह नहीं फेरना चाहिए या उनके संसाधन जुटाने की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
यह भी पढ़ें: PM मोदी ने की UNSC बैठक की अध्यक्षता, बोले- आतंकवाद के लिए हो रहा समुद्री मार्गों का दुरुपयोग
इस दौरान जयशंकर ने वैश्विक ताकतों से आग्रह किया कि आने वाली समस्याओं को हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जयशंकर ने आगे कहा,
हमें हमेशा याद रखना चाहिए कि जितना सर कोरोना वायरस है, उससे भी बड़ा सच आतंकवाद है। हम में से कोई भी तब तक सुरक्षित नहीं है जब तक कि हम सभी सुरक्षित न हों। अगले महीने न्यूयॉर्क में भीषण 9/11 त्रासदी को भी 20 साल हो जाएंगे, भारत भी आतंकवाद का दंश झेला है, 2008 के मुंबई आतंकी हमले की बुरी यादें आज भी हमारे जेहन में जिंदा हैं। 2016 पठानकोट हवाई अड्डे पर हमला, 2019 की आत्मघाती बमबारी में पुलवामा में हमारे जवानों की शहादद और भी ऐसे कई हमले भारत ने झेले हैं। इसलिए, मैं दुनिया भर में पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करता हूं, जो आतंकवाद के संकट से पीड़ित हैं और लगातार पीड़ित रहे हैं। हमें इस बुराई से कभी समझौता नहीं करना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications