Premanand Maharaj Health: 9 दिन से बाहर नहीं निकले प्रेमानंद महाराज, VIDEO जारी कर क्यों कहा-'मैं रहूं न रहूं'
Premanand Maharaj Health Update: वृंदावन धाम के प्रसिद्ध संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज (प्रेमानंद महाराज) के स्वास्थ्य को लेकर भक्तों में गहरी चिंता व्याप्त है। महाराज जी की नियमित रात्रि पदयात्रा 17 मई से बंद है और उनके एकांतिक दर्शन भी स्थगित हैं। इस बीच, 24 मई को केली कुंज आश्रम ट्रस्ट के यूट्यूब चैनल पर जारी एक छोटा सा 1 मिनट 19 सेकंड का वीडियो संदेश वायरल हो गया है।
इसमें महाराज ने अपने लाखों भक्तों को संबोधित करते हुए भावुक अपील करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि बिल्कुल चिंता मत करो। हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें, हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं। यह वीडियो उन भक्तों के लिए एक सांत्वना बनकर आया है, जिनके मन में पिछले कई दिनों से आशंका घर कर गई थी।

Premanand Maharaj Kidney Failure-Dialysis: किडनी फेलियर और डायलिसिस
प्रेमानंद महाराज को पिछले कई सालों से किडनी संबंधी गंभीर समस्या है। दोनों किडनियां प्रभावित हैं। पहले हफ्ते में 2-3 बार डायलिसिस की जरूरत पड़ती थी, लेकिन अब स्थिति अधिक नाजुक बताई जा रही है। चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें पूर्ण आराम की सिफारिश की गई है। इसी कारण उनकी प्रसिद्ध रात्रि पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई है।
सामान्य दिनों में तड़के 3 बजे महाराज जी आश्रम से निकलकर वृंदावन की गलियों में पदयात्रा पर निकलते थे। हजारों भक्त उनके दर्शन और सत्संग के लिए इकट्ठा होते थे। त्योहारों और सप्ताहांत पर यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती थी। अब यह दृश्य अचानक रुक गया है, जिससे भक्तों में उदासी छा गई है। शिष्यों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से भक्तों से अनुरोध किया कि भीड़ न लगाएं और धैर्य रखें। महाराज जी फिलहाल केली कुंज आश्रम में ही आराम कर रहे हैं।
Premanand Maharaj Video Viral: गुरु की अटूट उपस्थिति का आश्वासन
वीडियो में प्रेमानंद महाराज का स्वर भावुक लेकिन दृढ़ है। उन्होंने भक्तों से कहा कि बिल्कुल चिंता मत करो। हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें, हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं। अंतिम बात यही कि चिंता नहीं करनी। न ये चिंता करनी है कि कैसे हमारा उत्थान होगा। बिना बोले तुम्हारे दिमाग में हम होंगे।
उन्होंने आगे कहा कि देख लेना तुम वही करोगे, जो गुरुदेव कहेंगे। आप बिल्कुल निश्चिंत रहिएगा। जो जहां जिस सेवा में आए, उस सेवा में रहिएगा। खूब नाम जप करो। मंगल होगा। तुम्हारे गुरुदेव तुम्हारे दिमाग में बैठे रहेंगे। आप निर्भय, निश्चिंत, निशोक होकर भजन करो। हमारा जब मन होगा, तब हम बोल देंगे।
महाराज जी ने स्पष्ट किया कि उनका एकांतवास भक्तों के हित के लिए है। कहा कि हम एकांतवास कर रहे हैं। एकांतवास आपके लिए है, हमारे लिए नहीं। ... जो कुछ होना था, वो हो गया। जो कुछ हो रहा है, वह सब आपके लिए हो रहा है। खूब भजन करो, नाम जप करो, आश्रित रहो और सुखी रहो, प्रसन्न रहो। यह संदेश भक्तों के लिए गहरा आध्यात्मिक मार्गदर्शन है। महाराज जी याद दिलाते हैं कि गुरु का आशीर्वाद शारीरिक उपस्थिति से परे है। भजन-कीर्तन और नाम जप ही सच्ची साधना है।
17 मई की रात से पदयात्रा है बंद
17 मई की रात हजारों भक्त दर्शन के लिए पहुंचे, लेकिन महाराज जी पदयात्रा पर नहीं निकले। शिष्यों ने घोषणा की कि स्वास्थ्य कारणों से पदयात्रा स्थगित है। भक्त निराश होकर लौटे। हालांकि, कुछ दिन पहले महाराज जी केली कुंज आश्रम से निकलकर वराह घाट स्थित अपने गुरु संत गोविंद शरण महाराज के दर्शन के लिए गए थे। यह उनकी सीमित सार्वजनिक उपस्थिति का उदाहरण था, जिससे भक्तों को थोड़ी राहत मिली।
प्रेमानंद महाराज: वृंदावन के लोकप्रिय संत
प्रेमानंद महाराज वृंदावन में भक्ति मार्ग के प्रमुख प्रचारक हैं। उनके प्रवचन, भजन और पदयात्रा युवाओं समेत लाखों लोगों को आकर्षित करते हैं। वे राधा-कृष्ण भक्ति, नाम जप और सदाचार पर जोर देते हैं। उनके आश्रम में नियमित सत्संग और सेवा कार्य चलते हैं। महाराज जी की सादगी, प्रेमपूर्ण व्यवहार और गहन आध्यात्मिक अनुभव उन्हें अनगिनत भक्तों का केंद्र बनाते हैं। उनकी पदयात्रा सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भक्तों के साथ सीधा संवाद का माध्यम थी।
भक्तों ने किडनी दान करने की इच्छा भी जताई
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भक्तों की भावनाएं उमड़ पड़ी हैं। हजारों कमेंट्स में प्रार्थनाएं और शुभकामनाएं आ रही हैं। कई भक्त लिख रहे हैं कि महाराज जी, आप हमेशा हमारे साथ हैं। कुछ ने अपनी किडनी दान करने की इच्छा भी जताई है, हालांकि महाराज जी पहले भी ऐसे प्रस्तावों को स्वीकार नहीं कर चुके हैं। आश्रम प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और महाराज जी की सलाह के अनुसार भजन में लगे रहें।
आगे क्या?
वर्तमान में महाराज जी आराम कर रहे हैं। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। भक्तों को उम्मीद है कि जल्द ही उनकी सेहत सुधरेगी और वे अपनी पदयात्रा एवं सत्संग फिर से शुरू करेंगे।जब तक, उनके दिए संदेश को अपनाना ही सबसे बड़ा सम्मान है - नाम जपो, भजन करो, प्रसन्न रहो।













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