अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर विदेश मंत्री जयशंकर का पहला बयान, इस बात पर हैं नजर
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर विदेश मंत्री जयशंकर का पहला बयान, इस बात पर हैं नजर
नई दिल्ली, 11 सितंबर: अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे को करीब एक महीने का समय हो गया है। बीते हफ्ते तालिबान अपनी अंतरिम सरकार और मंत्रियों के नामों की घोषणा भी कर चुका है। हालांकि अभी तक भारत ने अफगानिस्तान को लेकर बहुत ज्यादा कुछ नहीं कहा है। शनिवार को पहली बार भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफगानिस्तान में तालिबान के नेतृत्व में बनी नई सरकार को लेकर कहा कि उनकी चिंता इस बात को लेकर है इस सरकार में सभी की हिस्सेदारी हो। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आज हुई 2+2 वार्ता में जयशंकर की ओर से ये कहा गया है।
Recommended Video

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शनिवार को हुई 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तो ऑस्ट्रेलिया की ओर से विदेश मंत्री मारिस पायने और रक्षा मंत्री पीटर डटन शामिल थे। बैठक में अफगानिस्तान का हालिया घटनाक्रम एक अहम विषय था। दोनों देशों के मंत्री बातचीत में इस बात पर सहमत हुए कि अफगानिस्तान की स्थिति ना सिर्फ भारत और ऑस्ट्रेलिया बल्कि दूसरे मुल्कों के लिए भी चिंता का विषय है। एस जयशंकर ने कहा, भारत सरकार अफगानिस्तान में बन रही नई सरकार के समावेशी होने को लेकर चिंतित है। ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री ने अफगानिस्तान को लेकर कहा कि उनके देश की सरकार भी तालिबान शासन में महिलाओं और कमजोर तबकों की स्थिति के बारे में चिंतित है।
अफगानिस्तान पर दुनियाभर की निगाहें
अमेरिकी फौजों की वापसी के ऐलान के साथ ही तालिबान ने अफगानिस्तान को अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिया था। 15 अगस्त को तालिबानी लड़ाके काबुल में घुस गए थे और सभी कुछ अपने कंट्रोल में ले लिया था। इसके बाद तालिबान ने 7 सितंबर को अफगानिस्तान की कार्यवाहक सरका। मुल्ला अब्दुल गनी बरादर उप प्रधानमंत्री होंगे। सिराजुद्दीन हक्कानी को गृहमंत्री, मुल्ला अमीर खान मुत्तकी को विदेश मंत्री, शेर मोहम्मद अब्बास स्तनिकजई को उप विदेश मंत्री बनाया गया है। मुल्ला याकूब को रक्षा मंत्री और मुल्ला हिदायतुल्ला बदरी को वित्त मंत्री बनाया गया है।












Click it and Unblock the Notifications