Exit Poll: एग्जिट पोल क्या होता है? कैसे निकाले जाते हैं आंकड़े? क्या है नियम? जानें हर सवाल का जवाब
Exit Poll FAQs: लोकसभा चुनाव हो या फिर विधानसभा चुनाव, वोटिंग खत्म होते ही सबको एग्जिट का बेसब्री से इंतजार होता है। वोटों की गिनती खत्म होने के आधे से एक घंटे के बाद एग्जिट पोल जारी किया जाता है। चुनावी रिजल्ट से पहले एग्जिट पोल निकाले जाते हैं, जिसमें ये बताया जाता है कि किस राजनीतिक दल की सरकार बनने वाली है।
कई बार एग्जिट पोल के आंकड़े और चुनावी नतीजे काफी हद तक मिल जाते हैं। हालांकि कई बार एग्जिट पोल के आंकडे चुनावी नतीजों से बहुत अलग होते हैं। इस लेख में हम एग्जिट पोल्स से जुड़े हर सवालों के जवाब जानने की कोशिश करेंगे।

What is Exit Poll: क्या होता है एग्जिट पोल?
एग्जिट पोल एक तरह का चुनावी सर्वे है जो मतदान के दिन किया जाता है। एग्जिट पोल में जब वोटर चुनाव में वोट देकर बूथ से बाहर निकलता है तो उससे पूछा जाता है कि, क्या आप हमें ये जानकारी देना चाहेंगे कि आपने किस पार्टी को या किस उम्मीदवार के लिए मतदान किया है? एग्जिट पोल कराने वाली एजेंसियां पोलिंग बूथ के बाहर अपने लोगों को तैनात करती है? जैसे ही मतदाता वोट देकर बाहर आते हैं उनसे सवाल किया जाता है। इसके बाद आंकड़े निकाले जाते हैं, जिसमें ये बताया जाता है कि किसी पार्टी सरकार बनाने वाली है...इस पूरी प्रक्रिया को एग्जिट पोल कहा जाता है।
Exit Poll Time: एग्जिट पोल कब किए जाते हैं?
एग्जिट पोल मतदान के दिन किया जाता है। एग्जिट पोल वोटिंग के आखिरी दिन जारी किया जाता है। एग्जिट पोल वोटिंग खत्म होने के 30 मिनट से 1 घंटे के बाद जारी किया जाता है। एग्जिट पोल के परिणाम चुनाव के नतीजों के अनुमान लगाने में मदद करते हैं, लेकिन ये औपचारिक परिणाम नहीं होते।
सबसे पहला एग्जिट पोल कब हुआ था?
सबसे पहला एग्जिट पोल संयुक्त राज्य अमेरिका में 1936 में हुआ था। जॉर्ज गैलप और क्लॉड रोबिंसन ने न्यूयॉर्क शहर में एक चुनावी सर्वे किया था। 1937 में ब्रिटेन में पहला एग्जिट पोल हुआ। उसके बाद 1938 में फ्रांस में पहला एग्जिट पोल हुआ था।
भारत में पहला एग्जिट पोल कब हुआ था?
भारत में पहला एग्जिट पोल 1996 में शुरू हुआ था। इस एग्जिट पोल को सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज (CSDS) ने करवाया था। इस एग्जिट पोल में अनुमान लगाया गया था कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) लोकसभा चुनाव जीतेगी। चुनावी नतीजे अनुमान के अनुरूप ही आए थे और भाजपा ने जीता था। इसके बाद भारत में एग्जिट पोल का चलन बढ़ा था।
भारत में 1998 में पहली बार किसी निजी न्यूज चैनल ने एग्जिट पोल प्रसारण किया था। आज भारत में कई एजेंसियां एग्जिट पोल करती है।
Exit Poll Rule: एग्जिट पोल को लेकर क्या हैं नियम?
एग्जिट पोल को लेकर चुनाव आयोग के कुछ नियम हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक एग्जिट पोल के मतदान के आखिरी चरण वाले दिन वोटिंग खत्म होने के बाद ही प्रसारित किए जा सकते हैं। एग्जिट पोल प्रसारित करने के लिए सर्वेक्षण -एजेंसी को चुनाव आयोग से पहले अनुमति लेनी होती है। एग्जिट पोल प्रसारित करते वक्त ये दिखाना होगा कि ये सिर्फ एक अनुमान मात्र है।
हालांकि चुनाव आयोग समय-समय पर एग्जिट पोल को लेकर दिशानिर्देश भी जारी करता रहता है। इन दिशानिर्देशों के आधार पर ही एग्जिट पोल के तरीकों और मानकों को तय किया जाता है।
ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में क्या अंतर है?
- एग्जिट पोल मतदान के दिन किए जाते हैं। वहीं ओपिनियन पोल चुनाव से पहले किए जाते हैं।
- एग्जिट पोल में वोट देकर बाहर निकलने वाले मतदाताओं से ही सवाल पूछा जाता है। और उन्ही के आधार पर आंकड़े निकाले जाते हैं। बल्कि ओपिनियन पोल में सभी लोगों को शामिल किया जाता है, भले ही वो वोटर हों या नहीं।
- एग्जिट पोल में वोटर से पूछा जाता है कि उन्होंने किस पार्टी या उम्मीदवार को वोट दिया है। वहीं ओपिनियन पोल में लोगों से पूछा जाता है कि किस पार्टी या प्रत्याशी को वोट देने की योजना बना रहे हैं?
- एग्जिट पोल हो या ओपिनियन पोल दोनों हमेशा सटीक नहीं होते हैं।












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