Exclusive: रियाद में फंसे 4 बिहारी, सुषमा से कुछ हुआ नहीं, अब नीतीश से आस
[अजय मोहन] विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले एजेंटों के चक्कर में बर्बाद हुए बिहार के चार युवकों की जिंदगी खतरे में है। रियाद की सड़कों पर दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, कोई तरस खाकर दो रोटी दे देता है, तो खा लेते हैं, कहीं भी, कैसा भी पानी मिल जाता है, पी लेते हैं। कभी सड़क किनारे, कभी किसी के गैराज में, तो कभी होटल में टेबल के नीचे सो कर जिंदगी बिता रहे हैं।

इन युवकों की दर्द भरी कहानी पढ़ने से पहले हम उठायेंगे सवाल- क्या नीतीश कुमार इन युवकों की मदद के लिये सुषमा स्वराज से बात करेंगे, और अगर सुषमा के दफ्तर में काम नहीं बना, तो क्या नीतीश कोहराम मचायेंगे?
रियाद में फंसे युवक
जी हां हम ऐसी बातें इसलिये कह रहे हैं, क्योंकि बिहार के ये चार युवक सुषमा स्वराज को ट्वीट कर-कर के थक गये हैं। हर बार एक ही जवाब होता है, "आप हमारे मदद पोर्टल पर अपनी समस्या लिखें, जल्द ही सहायता पहुंचेगी।" एक महीना हो गया है, भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक भी मदद नहीं की, बस कहते हैं, "धैर्य रखें आपका काम हो जायेगा।"
ये टूटता धैर्य कहीं आत्महत्या न बन जाये
1. राजेंद्र रामनरेश पंडित, उम्र 35 वर्ष, बसंतपुर सीवान के रहने वाले हैं।
2. राकेश कुमार, उम्र 27, जयानगर, मधुमणि के रहने वाले हैं।
3. मोहम्मद आसिफ अली, उम्र 23 सदर, दरभंगा के हैं।
4. फारुख मोहम्मद, उम्र 31 , पश्चिम चंपारण के हैं।
कैसे फंसे फ्रॉड एजेंटों के चक्कर में
ये चारों अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं, जिन्हें दिल्ली के रहने वाले एजेंटों ने अपने जाल में फंसाया। तीनों से एक से सवा लाख रुपए तक की डिमांड की। जिसमें कागज पर 90 हजार दिखाया। पहले तीन लोग एजेंट रौनक अली जैदी के चंगुल में फंसे।
दिल्ली में इंटरनेशनल जॉब्स हब के नाम से कंपनी चला रहे रौनक अली जैदी ने टूरिस्ट विजा बनवा कर इन तीनों को दमाम भेज दिया। वहीं एक अन्य एजेंट अरशद अली है, जो एआई सैफ ग्रुप के नाम से जकीर नगर दिल्ली में कंपनी चला रहा है। उसने फारुख से एक लाख रुपए लिये और टूरिस्ट वीजा पर भेज दिया।
दोनों एजेंटों में कनेक्शन
जिस तरह से मामला दर्ज किया गया है, उससे तो साफ लग रहा है कि इन दोनों एजेंटों के बीच कनेक्शन है। क्योंकि ये चारों एक साथ 16-17 दिसंबर को दमाम भेजे गये थे।
वहां जाते ही काम मिल गया। लेकिन एक महीना पूरा होते ही चारों के मालिकान ने नौकरी से यह कहकर निकाल दिया कि उनका वीजा समाप्त हो गया है। अब उन्हें नौकरी पर रखने से खुद उन पर जुर्माना ठोका जा सकता है।
रियाद में फंसे युवक
बस उसी वक्त से इन चारों के होश फाख्ता हो गये। इन चारों के एक दोस्त परवेज, जो बहरीन में हैं, ने वनइंडिया को इन चारों के बारे में जानकारी दी।
परवेज ने वनइंडिया से फोन पर बातचीत में ये बातें कहीं-
- इनमें से एक मेरा दोस्त है, इसलिये मेरे कहने पर कुछ लोगों ने एक-दो दिन पनाह दे दी, अब ज्यादा दिन तक कोई पनाह नहीं दे सकता।
- रियाद की सड़कों पर ये चारों भटक रहे हैं। जैसे-जैसे दिन बीतते जायेंगे, वैसे-वैसे इन पर जुर्माना बढ़ता जायेगा, जो लाखों में होगा।
- हमने मदद पोर्टल के जरिये इनकी मदद करने के प्रयास किये, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला।
- मिस्र के कुछ लोग इन युवकों को अपने झांसे में फंसाने के प्रयास कर चुके हैं। कहीं ऐसा न हो, ये चारों किसी गलत रास्ते पर चले जायें।
- इनमें से एक ने 1 लाख रुपए ब्याज पर उधार लिये हैं, तो एक ने जमीन बेची है।
- फारुख मोहम्मद की पत्नी व बच्चे बिहार में परेशान हैं। उन्हें पता तक नहीं कि फारुख किन हालातों से गुजर रहा है।
- मैं वनइंडिया के माध्यम से मैं गुजारिश करता हूं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और बिहार के सीएम नीतीश कुमार से कि इनके लिये कुछ करें।












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