NDA बैठक से दूर अजित पवार, इंडिया बैठक से नदारद उद्धव ठाकरे, आखिर अंदरखाने में क्या चल रहा?

लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली महायुति गठबंधन सरकार में दरार की खबरें सामने आने लगी हैं। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और

एनसीपी नेता अजीत पवार बुधवार दिल्ली में हुई एनडीए की बैठक में नजर नहीं आए। वहीं इंडिया गठबंधन में भी सबकुछ ठीक नहीं नजर आ रहा है। यहां उद्धव ठाकरे इंडिया गठबंधन की बैठक में नदारद रहें।

ajit pawar

सूत्रों की मानें तो लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के अजित पवार खुश नहीं हैं, यही वजह है कि वह एनडीए की बैठक में नहीं पहुंचे। हालांकि शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी ने चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया।

जबकि अजित पवार की पार्टी सिर्फ रायगढ़ की सीट पर जीत दर्ज कर सके। गठबंधन में अजित की पार्टी ने चार सीटों पर चुनाव लड़ा था। अजित पवार के लिए सबसे बड़ी हार बारामती की सीट है, जहां से उनकी पत्नी सुनेत्र पवार को उनकी ही चचेरी बहन और शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने हरा दिया। सुप्रिया सुले ने 1.5 लाख से अधिक वोटों से यहां जीत दर्ज की है।

नाराज अजित पवार का खेमा

एनसीपी के विधायक अमोल मितकारी ने भाजपा और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना पर आरोप लगाया कि इन लोगों ने पूरे दिल से पार्टी के लिए प्रचार नहीं किया। अमोल ने कहा कि बारामती की हार अपमानजनक है। हमारे सहयोगी साथियों ने हमारे लिए काम नहीं किया।

यह परिवार की सीट थी। किसी को भी बुरा लगेगा। शुक्रवार को हमारी पार्टी की बैठक है, मैं इस मुद्दे को उठाउंगा। बता दें कि अमोल मितकारी पार्टी के प्रवक्ता भी हैं। उन्होंने कहा कि वह महायुति के नेताओं का नाम भी लेंगे, जिन्होंने अपेक्षित चुनाव प्रचार नहीं किया।

उद्धव ठाकरे को लेकर हलचल
वहीं दूसरी ओर चुनाव के नतीजे आने के बाद इंडिया गठबंधन की बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के चीफ उद्धव ठाकरे नहीं पहुंचे। उनकी जगह संजय राउत बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे। शिवसेना ने इस चुनाव में 9 सीटों पर जीत दर्ज की है।

जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने चुनाव में 7 सीटों पर जीत दर्ज की है। ऐसे में शिवसेना एक बार फिर से एकजुट होती है तो दोनों ही मिलकर 16 सांसदों वाली हो जाएगी। जोकि एनडीए के लिए काफी राहत की खबर होगी।

इस चुनाव की शुरुआत से ही अटकलें लगाई जा रही हैं कि उद्धव ठाकरे एक बार फिर से भाजपा के साथ लौट सकते हैं। इसकी बड़ी वजह उद्धव ठाकरे और पीएम मोदी के बीच बेहतर संबंध हैं। लिहाजा भाजपा एक बार फिर से उद्धव को साथ लाने की कोशिश करेगी।

प्रियंका चतुर्वेदी ने दी सफाई

रिपोर्ट की मानें को उद्धव ठाकरे से बात करने के लिए भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। लेकिन इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए शिवसेना की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा बीजेपी बीट से जुड़े पत्रकारों का सोर्स एक ही है - PMO में बैठे उनके मीडिया सलाहकार जो भाजपा का एजेंडा चला रहें हैं!

उनको मैं कहना चाहती हूँ , अभी भी समय है, थोड़ा सुधार जाओ! जनता ने ही आपके सारे परोसे हुए झूठ को फेल किया है और बहुमत से दूर रखा है!

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+