चुनाव परिणाम से पहले ही बीजेपी के खाते में आई इतनी सीटें, जानिए कैसे हुआ ये कमाल
Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव के लिए सातों चरण का मतदान संपन्न होने के बाद चुनाव परिणाम की बारी है। इस बार आम चुनाव की प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही बीजेपी का खाता खुल गया था। यानी मतगणना शुरू होने के बाद अब अपनी पहली सीट मिलने का इंतजार नहीं करना होगा।
मध्य प्रदेश की इंदौर लोकसभा सीट इस बार नोटा (NOTA) को लेकर काफी चर्चा में है। ये सीट इंदौर है, जहां बीजेपी की जीत पक्की बताई जा रही है। हालांकि रिपोर्ट्स की मानें तो सिर्फ एक बात क्लियर नहीं है कि बीजेपी इस सीट पर लीड कितने वोटों से कर रही है। वहीं बीजेपी यहां दस लाख वोटों से ज्यादा के अंतर से जीत की उम्मीद है। जबकि पिछली बार लोकसभा चुनाव में जीत का मार्जिन पांच लाख 47 हजार था।

मतगणना से पहले ही बीजेपी कैंडिडेट की जीत कैसे?
गुजरात की सूरत लोकसभा सीट पर इस बार कमाल की राजनीति देखने को मिली। जब कांग्रेस कैंडिडेट का नामांकन रद्द होने के बाद बाकी बचे 8 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिया। अंत में बीजेपी कैंडिडेट मुकेश दलाल की मैदान में बचे, जिनके ना तो नामांकन फार्म में कोई कमी पाई और न ही उन्होंने खुद से नाम वापस लिया। ऐसे में मुकेश दलाल सूरत से निर्विरोध विजयी हुए। ऐसे में मतगणना से पहले ही बीजेपी के खाते में एक सीट आ गई।
इंदौर में NOTA दिखाएगा कमाल
पिछले लोकसभा चुनाव में नोटा को 5 हजार से ज्यादा वोट मिले थे। इस बार माना जा रहा है कि इंदौर में नोटा को ज्यादा वोट मिलेंगे। इस बीच कांग्रेस ने इंदौर में बीजेपी की जीत के दावे को खारिज कर दिया और कहा कि नोटा भी मध्य प्रदेश में नया रिकार्ड बनाएगा। कांग्रेस की विचारधारा को मानने वाले वोटरों ने विरोध के तौर नोटा को वोट दिया है। कांग्रेस का कहना है कि इस बार इंदौर लोकसभा सीट से नोटा भी मध्य प्रदेश में नया रिकार्ड बनाएगा, क्योंकि कांग्रेस की विचारधारा को मानने वाले वोटरों ने विरोध स्वरुप नोटा को वोट दिया है। पिछले लोकसभा चुनाव में नोटा को 5 हजार से ज्यादा वोट मिले थे। इस बार माना जा रहा है कि इंदौर में नोटा को ज्यादा वोट मिलेंगे।












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