EU Ammbassador हर्वे डेलफिन ने कहा, "भारत और यूरोपीय संघ मिलकर लिखेंगे विकास की नई कहानी"
EU Ammbassador: रूस के विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर नई दिल्ली स्थित रूसी दूतावास में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न देशों के राजनयिकों, अधिकारियों, रक्षा विशेषज्ञों और मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर यूरोपीय संघ (EU) के भारत स्थित राजदूत हर्वे डेलफिन (Hervé Delphin) ने एक महत्वपूर्ण संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ के बीच गहरे और बहुआयामी संबंधों पर प्रकाश डाला।

लोकतांत्रिक मूल्यों पर साझा विश्वास: EU-Ammbassador
इस विशेष अवसर पर यूरोपीय संघ (European Union) के भारत में राजदूत हर्वे डेलफिन (Hervé Delphin) ने हिंदी में संबोधित करते हुए कहा, "EU और भारत मिलकर समृद्धि और विकास की नई कहानी लिखेंगे।" उनका यह बयान न केवल भारत-यूरोपीय संबंधों की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि भविष्य में एक गहरे रणनीतिक और आर्थिक सहयोग की ओर इशारा करता है।
राजदूत डेलफिन ने अपने विस्तृत भाषण में यह भी कहा,"लोकतंत्र, लोगों का सशक्तिकरण और अंतरराष्ट्रीय नियमों के शासन का समर्थन जैसे साझा मूल्य हमारी साझेदारी की एक ठोस आधारशिला हैं, जो केवल हमारे देशों को ही नहीं, बल्कि हमारी जनता को भी एक सूत्र में जोड़ते हैं। हम अपने रिश्तों का एक नया अध्याय लिख रहे हैं।"
यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक मंच पर बहुपक्षीयता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को चुनौती दी जा रही है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच इस साझा दृष्टिकोण का उद्देश्य वैश्विक स्थिरता, शांति और विकास को बढ़ावा देना है।
EU Ambassador: राजनयिक संबंधों को नई दिशा
इस आयोजन ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और यूरोपीय संघ अब पारंपरिक राजनयिक संबंधों से आगे बढ़कर रणनीतिक भागीदारी की ओर अग्रसर हैं। दोनों पक्ष व्यापार, डिजिटल परिवर्तन, हरित ऊर्जा, और वैश्विक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर मिलकर कार्य कर रहे हैं।
इससे पहले एस. जयशंकर ने भी इस कार्यक्रम में बताया कि समय के साथ बहुत कुछ बदल गया है। उपनिवेशवाद का अंत हुआ, संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता चार गुना बढ़ी और वैश्विक अर्थव्यवस्था में संतुलन आया है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया फिर से अपनी प्राकृतिक विविधता और बहुलतावाद की ओर लौट रही है।
उन्होंने कहा, "आज हम एक अधिक समान और आधुनिक वैश्विक व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रहे हैं, खासकर बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार के माध्यम से। भारत को आशा है कि यह प्रयास अंतरराष्ट्रीय सहयोग की उसी भावना से प्रेरित होंगे, जैसी द्वितीय विश्व युद्ध के समय देखने को मिली थी।"
आतंकवाद विश्व के लिए खतरा: विदेश मंत्री जयशंकर
विदेश मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि भारत इस समय आतंकवाद की गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है, जो केवल एक देश की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है। उन्होंने कहा, "हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब भारत आतंकवाद से जूझ रहा है, और यह एक साझा अंतरराष्ट्रीय खतरा है। मैं उन सभी देशों का आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने हमारे साथ एकजुटता दिखाई है और हमारी कठोर प्रतिक्रिया को समझा है।"
रुस विजय दिवस: अतीत की याद और भविष्य की आशा
रूस द्वारा मनाया जाने वाला विजय दिवस न केवल एक ऐतिहासिक युद्ध में विजय की स्मृति है, बल्कि यह शांति, साहस और वैश्विक सहयोग का प्रतीक भी बन चुका है। नई दिल्ली में इसका आयोजन भारत और रूस के पुराने मित्रता संबंधों को भी उजागर करता है, वहीं यूरोपीय संघ की भागीदारी से यह वैश्विक स्तर पर एकजुटता का संदेश भी देता है।












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