राष्ट्रपति कैंडिडेट के लिए इस नाम पर सारा विपक्ष एक जुट हो जाएगा?
गोपाल कृष्ण गांधी का नाम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगे किया है जिस पर सारा विपक्ष एक हो सकता है।गोपाल कृष्ण गांधी 2004 से 2009 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके हैं
नई दिल्ली। देश का अगला राष्ट्रपति कौन होगा ये तो बाद की बात है,अभी राजनीतिक दलों में अपने-अपने कैंडिडेट को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। सत्ताधारी दल हो या विपक्ष दोनों तरफ इस बात को लेकर माथापच्ची चल रही है कि उनका कैंडिडेट कौन होगा? जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष की ओर से पहला नाम सामने आया है जिस पर सारा विपक्ष एक हो सकता है ये नाम है महात्मा गांधी के पौत्र गोपाल कृष्ण गांधी का। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दल उन्हें संयुक्त उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतार सकते हैं।

कौन हैं गोपाल कृष्ण गांधी?
गोपाल कृष्ण गांधी का नाम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगे किया है जिस पर सारा विपक्ष एक हो सकता है।गोपाल कृष्ण गांधी 2004 से 2009 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके हैं,22 अप्रैल 1946 को जन्मे गोपाल कृष्ण गांधी ब्यूरोक्रेट भी रहे हैं। गांधी ने पहले राष्ट्रपति के सचिव के रुप में भी काम किया है, वो श्रीलंका और साउथ अफ्रिका में हाई कमिश्नर के तौर पर भी काम कर चुके हैं।

शरद यादव, शरद पवार भी हैं रेस में
अभी सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से किसी का नाम फाइनल नहीं हुआ है। लेकिन उम्मीद की जा रही है कि इस महीने के आखिर तक नाम तय हो जाएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इस सिलसिले में 15 मई के बाद सभी विपक्षी दलों की बैठक बुला सकती हैं। विपक्ष की ओर से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार और जनता दल-यूनाइटेड (जद-यू) के नेता शरद यादव के नाम पर भी विचार चल रहा है।

द्रोपदी मुर्मू हो सकती है बीजेपी की पसंद
झारखण्ड की वर्तमान राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू भारत के राष्ट्रपति पद के लिए NDA गठबंधन की संभावित उम्मीदवार हो सकती हैं। अगर ऐसा होता है तो वो देश की पहली ट्राइबल प्रेसिडेंट होंगी। द्रोपदी मुर्मू स्व. बिरांची नारायण तुदू की बेटी है जो उड़ीसा में मंत्री रहीं थीं।दरअसल बाबरी मस्जिद काण्ड में सुप्रीम कोर्ट द्वारा आडवाणी और जोशी पर मुकदमा चलने के आदेश के बाद इस पद के लिए इन दोनों की उम्मीदवारी की संभावना लगभग ख़त्म हो गयी है। ऐसे में आदिवासी राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू का नाम तुरुप का एक्का साबित हो सकता है।

एनडीए के पक्ष में है आकड़ा
जहां तक राष्ट्रपति चुनाव में आंकड़ों का सवाल है तो भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए का पलड़ा भारी नजर आ रहा है. एआईएडीएमके, बीजेडी, टीआरएस, आईएनएलडी, आप और वाईएसआरसीपी ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं कि वे किसे समर्थन देंगे. हालांकि एआईएडीएमके 2014 के बाद से संसद में भाजपा के सहयोगी की तरह पेश आ रही है. जबकि टीआरएस ने एनडीए उम्मीदवार को समर्थन देने के संकेत दिए हैं।
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