तिहाड़ जेल को इंजीनियर राशिद ने 'मिनी इंडिया' बताया, बोले- मेरी जीत पर गैर-मुस्लिम दोस्तों ने बांटी मिठाई
शेख अब्दुल रशीद उर्फ इंजीनियर राशीद आतकी फंडिंग मामले में अंतिरम जमानत मिल चुकी है। अब वो तिहाड़ जेल में बाहर आए गए है। तिहाड़ जेल से बाहर आए इंजीनियर राशिद ने 'पंचायत आजकर' में शिरक की।
इस दौरान इंजीनियर राशिद ने सवालों का जवाब देते हुए कई खुलासा किए। उन्होंने बताया कि तिहाड़ जेल में रहते हुए जम्मू-कश्मीर के बारामुल्ला सीट चुनाव लड़ा और जीतें। अब वो वहां से सांसद है।

राशिद ने बताया कि जब वे विजयी हुए तो जेल में बंद उनके गैर-मुस्लिम दोस्तों ने दो लाख रुपये की मिठाई बांटकर जश्न मनाया। इतना ही नहीं, राशिद ने तिहाड़ जेल को 'मिनी इंडिया' बताया।
उन्होंने कहा, 'वहां मैंने देशभर से आए लोगों को देखा। हर धर्म के लोगों ने मुझे जो सम्मान दिया, उसका बदला मेरी सात पीढ़ियां नहीं चुका सकतीं। जिस दिन मैं चुनाव जीता, उस दिन तिहाड़ जेल में गैर-मुस्लिम दोस्तों ने 2 लाख की मिठाई बांटी। काश, यह असली भारत होता।'
राशिद ने कहा,'मैं चुनाव लड़ रहा हूं क्योंकि मुझे पीएम मोदी को दिखाना है कि कश्मीरी उनकी खराब नीतियों को नकार रहे हैं। आपने जो कुछ भी किया वह कश्मीरियों को स्वीकार्य नहीं है।' उन्होंने जेल में बिताए अपने समय को याद किया।
18 जनवरी, 2024 को एक घटना का ज़िक्र करते हुए राशिद ने कहा कि हमारे हर साथी को रोज 5 मिनट फोन के मिलते हैं, मेरा वो भी काट दिया गया...आप जेल रिकॉर्ड देख सकते हैं। उन्होंने पागल और विकलांग लोगों के वार्ड में रखे जाने और एक बार उनका भोजन बंद कर दिए जाने का ज़िक्र किया।
इन कठिनाइयों के बावजूद, उन्होंने प्रशासन के अच्छे इरादों को स्वीकार किया, लेकिन कहा कि वे दबाव में थे। रशीद ने भारत में सच्चे रामराज्य की इच्छा जताई। उन्होंने कहा, "मैं भी चाहता हूं कि भारत में रामराज्य आए, लेकिन असली रामराज्य, मोदी जी का रामराज्य नहीं।"
अदालत से अंतरिम जमानत मिलने पर राशिद ने कहा, "पूरा देश यही सोचता था कि इंजीनियर राशिद मर चुका है, वह कभी वापस नहीं आएगा, लेकिन मेरी वापसी का मतलब है कि सत्य की जीत हुई है।" कहा कि मुझे किसी के हारने या अपने जीतने की खुशी नहीं है, मुझे खुशी इस बात की है कि मेरी जीत मोदी जी के 'नया कश्मीर' विजन की हार है।












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