Emergency Alert: तेज बीप के साथ फोन पर आ रहे हैं इमरजेंसी अलर्ट मैसेज, जानें क्या है ये और किसने भेजा?
भारत में शुक्रवार की सुबह कई मोबाइल यूजर्स की स्क्रीन पर एक तेज बीप ध्वनि और कंपन के साथके साथ गंभीर आपातकालीन चेतावनी मिली। जिसके चलते लोगों में भय का माहौल पैदा हो गया। कई लोगों ने समझा शायद उनका मोबाइल हैक हो गया है।
अब उस आपातकालीन मैसेज को लेकर सरकार की ओर से जानकारी साझा की गई है। दरअसल यह देश की नई आपातकालीन चेतावनी प्रणाली के परीक्षण का हिस्सा था। जिसे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा सेंड किया जा रहा है।

संदेश पूरे भारत में स्मार्टफोन यूजर्स को एक रेंडम सैंपल के तौर पर भेजा गया था। जिसके चलते यूजर्स के फोन से तेज बीप निकली और एक मैसेज फ़्लैश हुआ। जिसमें लिखा था- "आपातकालीन चेतावनी: गंभीर। एनडीएमए इस परीक्षण का उपयोग अलर्ट सिस्टम की प्रभावशीलता का आकलन करने और किसी भी संभावित समस्या की पहचान करने के लिए कर रहा है।
दूरसंचार विभाग (सी-डॉट) ने आज भारत में विभिन्न दूरसंचार ऑपरेटरों के कई मोबाइल यूजर्स को एक टेस्ट फ्लैश संदेश भेजा। यह संदेश सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से 12:00 और 12:44 PM IST के बीच भेजा गया था। संदेश ने प्राप्तकर्ताओं को सूचित किया कि यह एक परीक्षण था और किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है।
इस भेजे गए मैसेज में लिखा था कि, यह भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से भेजा गया एक नमूना परीक्षण संदेश है. कृपया इस संदेश पर ध्यान न दें क्योंकि इस पर आपकी ओर से किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है. यह संदेश राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा कार्यान्वित किए जा रहे अखिल भारतीय आपात अलर्ट सिस्टम को जांचने हेतु भेजा गया है. इस सिस्टम का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ाना और आपात स्थिति के दौरान समय पर अलर्ट प्रदान करना है।
गौरतलब है कि इसी तरह का फ्लैश मैसेज कुछ हफ्ते पहले कई यूजर्स को भेजा गया था। दूरसंचार विभाग सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के अनुसार, वे आगे भी विभिन्न क्षेत्रों में समय-समय पर इसी तरह के परीक्षण आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। इन परीक्षणों का उद्देश्य मोबाइल ऑपरेटरों की आपातकालीन चेतावनी प्रसारण क्षमताओं और सेल प्रसारण प्रणालियों की दक्षता और प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना है।
सी-डॉट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजकुमार उपाध्याय ने बताया कि सेल प्रसारण की तकनीक वर्तमान में केवल एक विदेशी विक्रेता के माध्यम से उपलब्ध है। नतीजतन, सी-डॉट इसे आंतरिक रूप से विकसित करने पर काम कर रहा है। उपाध्याय ने कहा, "सेल प्रसारण तकनीक अभी विकास करने की स्टेज में है और आपदाओं के दौरान सीधे मोबाइल फोन स्क्रीन पर अलर्ट भेजने के लिए एनडीएमए द्वारा इसका उपयोग किया जाएगा। वर्तमान में इसका जियो और बीएसएनएल नेटवर्क पर परीक्षण चल रहा है। उन्होंने कहा कि सेल प्रसारण संदेशों के विभिन्न संस्करण हैं। जिन्हें दूरसंचार नेटवर्क के माध्यम से प्रचार-प्रसार के लिए विकसित करने की आवश्यकता है।












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