एलन मस्क ने बताई भारत में टेस्ला की एंट्री नहीं होने की वजह
नई दिल्ली। यूएस इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला पहली बार अपने देश से बाहर भारत में अपना प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही थी, लेकिन दुर्भाग्य से यह मेगा प्रोजेक्ट चीन के पास चला गया। भारत की जमीन पर अपना प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए टेस्ला भी पहले मन बन चुका था, लेकिन इस कंपनी के मालिक और बिलेनियर एलन मस्क फिलहाल तैयार नहीं है। टेस्ला के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने अपने एक ट्वीट में कहा कि दक्षिण एशियाई देशों में प्रतिबंधित नीति पॉलिसी लोकल प्रोड़क्शन के लिए बाधा साबित हो रही है, इसी वजह से वहां प्रोजेक्ट शुरू करना मुश्किल है।

इस महीने में कैलोफोर्निया की कंपनी पालो अल्टो ने चीन में अपनी फैक्ट्री की स्थापना के लिए एक कदम आगे बढ़ाया है, जो कि अमेरिका अपनी पहली प्रोड़क्शन कंपनी होगी। टेस्ला कंपनी के मालिक एलन मस्क ने कहा, 'हम भारत में काम करना पसंद करेंगे, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ सरकारी प्रतिंबधित चुनौतियां है।' मस्क ने आगे कहा कि जब भी दीपक आहुजा को लगेगा की भारत में काम करने का यह सही वक्त है, तब हम प्रवेश करेंगे। बता दें कि दीपक आहुजा टेस्ला कंपनी के चीफ फाइनेंसियल ऑफिसर है, जो भारत के रहने वाले हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यापार करने में बाधा डालने वाले करीब 1,400 से अधिक पुराने कानूनों को समाप्त करने के बावजूद भी एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था विदेशी निवेशकों के लिए भारत अभी भी पहली पसंद नहीं बना हुआ है। एलन मस्क ने कहा कि भारत सरकार से पिछले साल बात हुई थी, जिसमें कई प्रतिबंधों को लेकर अस्थायी छूट की बात कही गई थी।
पीएम मोदी ने 2030 तक सभी नई कारों के लिए इलेक्ट्रिक मॉडल का लक्ष्य तय किया था, जिसे खराब इन्फ्रास्ट्रक्चर और सीमित मैन्यूफेक्चरिंग क्षमताओं के बावजूद भी कार निर्माताओं द्वारा बहुत महत्वकांक्षी लक्ष्य की तरह देखा गया था।












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