'ये पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग हैं', सांसद प्रियंका चतुर्वेदी का पोस्ट वायरल, रिएक्शन में एलन मस्क ने कही ये बात
Elon Musk Priyanka Chaturvedi: उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर ''पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग'' को पोस्ट किया है। जिसपर अब अरबपति एलन मस्क ने प्रतिक्रिया दी है। हाल ही में ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने बाल यौन शोषण कांड पर टिप्पणी करते हुए "एशियाई" शब्द का इस्तेमाल किया था।
जिसको लेकर विवाद बढ़ गया है क्योंकि इंग्लैंड के विभिन्न हिस्सों में बाल यौन शोषण कांड के संदर्भ में सामान्य शब्द "एशियाई" के उपयोग पर आपत्ति जताई थी, जिसमें बड़े पैमाने पर पाकिस्तानी मूल के पुरुषों के गिरोह शामिल थे। शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ये "एशियाई" नहीं हैं, बल्कि "पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग" हैं।

Priyanka Chaturvedi: प्रियंका चतुर्वेदी के पोस्ट पर एलन मस्क ने क्या कहा?
प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लिखा, ''ये 'एशियन' ग्रूमिंग गैंग्स नहीं हैं, बल्कि 'पाकिस्तानी' ग्रूमिंग गैंग्स हैं।" जिसपर अरबपति एलन मस्क ने समर्थन दिया है और लिखा ''सच''
प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने पोस्ट में ये भी सवाल उठाया कि "पूरे एशियाई समुदाय को एक देश की गलतियों का दोष क्यों दिया जाना चाहिए?''
क्या है ग्रूमिंग गैंग विवाद?
विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी ने उत्तरी इंग्लैंड में बच्चों के खिलाफ दशकों पुराने यौन अपराधों के लिए एक राष्ट्रीय जांच की मांग की है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि क्राउन प्रोसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) के प्रमुख के रूप में ऐसे मामलों की फिर से जांच करवाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि 'एशियाई ग्रूमिंग गैंग' के खिलाफ पहली बार मुकदमा दायर किया था।
वहां के लोगों ने एशियाई शब्दों के इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति जताई है। विरोध करने वाले लोगों का कहनाह है कि इन बाल यौन शोषण कांड के पीछे सिर्फ एक देश यानी पाकिस्तानी मूल के लोग हैं तो फिर एशिया शब्द का इस्तेमाल क्यों?
इन विवादों के बीच एलन मस्क ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर यौन शोषण करने वाले गिरोहों के खतरे को रोकने में अफसल होने का आरोप लगाया है। एलन मस्क ने कीर स्टार्मर पर कई हमले किए हैं।
इस तरह की जांच की मांग कई वर्षों से दक्षिणपंथी लोगों द्वारा की जा रही है, जिसका ध्यान कई उत्तरी अंग्रेजी शहरों में मुख्य रूप से पाकिस्तानी मूल के पुरुषों द्वारा ज्यादातर श्वेत ब्रिटिश लड़कियों के यौन शोषण पर केंद्रित है।
कीर स्टार्मर ने इन मांगों को खारिज करते हुए कहा है कि प्राथमिकता पिछली, व्यापक सात साल की जांच की सिफारिशों को लागू करने के लिए "कार्रवाई" करने पर होनी चाहिए, जिसमें इस मुद्दे से निपटने के लिए लगभग दो दर्जन सुझाव दिए गए थे।












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