कयासों पर लगा विराम, प्रशांत किशोर ने थामा नीतीश की पार्टी JDU का दामन
पटना। आखिरकार कयासों पर विराम लग गया और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने आज नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड का दामन थाम लिया है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की आज होने वाली कार्यकारिणी बैठक से पहले उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी की सदस्यता दिलाई।

जेडीयू में शामिल होंगे प्रशांत किशोर
आपको बता दें कि साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों में रणनीति को लेकर आज पटना में जेडीयू की अहम बैठक है, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में प्रशांत किशोर पार्टी के सदस्य बन गए हैं।

प्रशांत किशोर का कदम अहम है...
हालांकि हाल ही में प्रशांत किशोर ने राजनीति में आने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा था कि, फिलहाल उनका ऐसा इरादा कोई नहीं है लेकिन उन्होंने ये जरूर कहा था कि वो 2019 में होने वाले चुनावों में किसी भी पार्टी के लिए प्रचार करते नजर नहीं आएंगे बल्कि इस बार उनका रोल अलग होगा। गौरतलब है कि प्रशांत किशोर, 2014 में बीजेपी, 2015 में बिहार में महागठबंधन और 2017 में उत्तर प्रदेश और पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिये काम कर चुके हैं।

नीतीश-लालू के गठबंधन को भारी जीत दिलाई थी
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में तत्कालीन प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार में बड़ी सफलता दिलाकर चर्चा में आए प्रशांत किशोर ने बिहार में भी नीतीश कुमार के लिए प्रचार की कमान संभाली थी , जिससे नीतीश कुमार को जबरदस्त सफलता हासिल हुई थी, बिहार में बीजेपी को परास्त करके नीतीश-लालू के गठबंधन को भारी जीत दिलाना प्रशांत किशोर का ही दिमाग था।

प्रशांत किशोर को बीजेपी से नहीं मिली तवज्जो
मोदी को पीएम बनाने के बावजूद प्रशांत किशोर को बीजेपी से उतनी तवज्जो नहीं मिली, जिसकी उन्हें काफी अपेक्षा थी, बीजेपी और पीएम मोदी दोनों ने अपनी जीत का क्रेडिट अमित शाह को ही दिया जबकि नीतीश कुमार ने उनके सिर पर अपनी जीत का सेहरा बांधा था। लगातार खबरें आती रही कि प्रशांत किशोर और अमित शाह की आपस में बनती नहीं है और इसी वजह से बीजेपी से प्रशांत किशोर का मोह भंग हो गया और वो नीतीश के करीब आ गए और शायद यही वजह है कि उन्होंने आज उनकी पार्टी ज्वाइन कर ली है।












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