Chess Controversy: 'भारत एक्सीडेंटली जीता वर्ल्ड कप', पूर्व चैंपियन के आरोप पर भड़के डी. गुकेश, दिया जवाब
Chess Controversy: मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश ने हाल ही में मिल रही ढेरों आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए बिना किसी डर या परेशानी के बयान दिया है। उन्होंने माना कि पिछले 1.5 साल में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा, इसलिए जो आलोचना हो रही है, वह शायद वह डिज़र्व करते हैं। गुकेश ने कहा कि वह ऐसी आलोचनाओं पर ज्यादा ध्यान नहीं देते लेकिन अगर आलोचना हो भी रही है तो वह इसे स्वीकार करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विश्व चैंपियन बनने के बाद वह अपेक्षित स्तर पर प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि लोग अपनी राय रख सकते हैं और उन्हें इससे कोई समस्या नहीं है, क्योंकि उनका काम सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ चेस खेलना है।
2026 सीजन में गुकेश का प्रदर्शन औसत से नीचे (Chess Controversy)
साल 2026 का सीजन अब तक विश्व चैंपियन डी. गुकेश के लिए काफी अनलकी साबित हुआ है। चाहे Tata Steel Masters हो या Prague Chess Festival दोनों ही बड़े टूर्नामेंट्स में उन्हें उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिल पाए और कई मौकों पर उन्हें कड़ी हार और निराशाजनक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा है। इस पूरे सीजन में उनका खेल अस्थिर नजर आया है और ऐसा कह सकते है की कई बार उन्हें मुंह की खानी पड़ी है। कुल मिलाकर 2026 में अब तक उनका प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।

पूर्व विश्व चैंपियन ने कहा,'बाय एक्सीडेंट जीता ट्रॉफी
खराब प्रदर्शन के बाद आलोचना जैसे एक तरह का नियम बन गया है। गुकेश के हालिया कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए अब कई दिग्गज खिलाड़ियों ने भी उन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी बीच नेपोम्नियाश्ची (Nepomniachtchi) ने कहा कि गुकेश कभी-कभी कमजोर खेल दिखाते हैं। वहीं पूर्व विश्व चैंपियन अनातोली कार्पोव (Anatoly Karpov) ने उनकी आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने विश्व चैंपियनशिप बाय एक्सीडेंट जीता है। इसके अलावा मैग्नस कार्लसन (Magnus Carlsen) ने भी 2024 वर्ल्ड चैंपियनशिप मैच की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं और उसके स्तर को लेकर टिप्पणी की है।
गुकेश बोले: वर्ल्ड चैंपियन बनना आसान, लेकिन उसे डिफेंड करना ज्यादा मुश्किल
गुकेश का रिएक्शन इस पूरे मामले में काफी मैच्योर और शांत रहा। उन्होंने साफ कहा कि पिछले 18 महीनों में उनका प्रदर्शन कमजोर रहा है और वह इसे स्वीकार करते हैं। उनके अनुसार, लोग अपनी राय रख सकते हैं और इसमें कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि उनका असली काम सिर्फ अपने खेल को बेहतर करना है। उन्होंने यह भी माना कि वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद दबाव और बढ़ जाता है, क्योंकि अब हर मैच में हारने का डर बना रहता है। गुकेश के मुताबिक, वर्ल्ड चैंपियन बनना जितना मुश्किल होता है, उससे कहीं ज्यादा कठिन उसे डिफेंड करना है, क्योंकि हर मुकाबले में उम्मीदें और दबाव दोनों बढ़ जाते हैं। इसके बावजूद उनका फोकस सिर्फ एक ही चीज़ पर रहता है-बेहतर चेस खेलना और अपनी परफॉर्मेंस को लगातार सुधारना।
अब सभी की नजरें गुकेश के अगले कदम पर
डी. गुकेश अब पहले की तरह लगातार ज्यादा टूर्नामेंट नहीं खेल रहे हैं और अपने करियर के इस अहम मोड़ पर बेहद सोच-समझकर कदम बढ़ा रहे हैं। फिलहाल उनका पूरा ध्यान सिर्फ चुनिंदा बड़े इवेंट्स पर है - Norway Chess, Chess Olympiad और अपनी विश्व चैंपियनशिप का खिताब पर। बाकी समय वे खुद को शांत रखकर, अकेले में मेहनत और तैयारी में लगे हुए हैं, ताकि आने वाले निर्णायक मुकाबलों में वह अपनी पुरानी लय और मजबूती फिर से हासिल कर सकें।
आलोचनाओं का असर उनके हालिया टूर्नामेंट्स में भी देखने को मिला है, जहां 2026 सीजन उनके लिए मुश्किल साबित हुआ है...
. Tata Steel Masters 2026
Rank: 10th
Score: 6.5/13
परिणाम: औसत से नीचे प्रदर्शन
पूरे टूर्नामेंट में स्थिरता की कमी रही
. Prague International Chess Festival 2026
Rank: 9th (tied 9th/10th)
Score: 3.5/9
परिणाम: निराशाजनक प्रदर्शन
कई मैचों में जीत नहीं मिली
अंतिम राउंड में केवल एक सांत्वना जीत मिली
. Superbet Rapid & Blitz Poland 2026
Overall Rank: 6th
Score: 17/36
परिणाम: कुल मिलाकर रैंकिंग नीचे आ गई















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