बंगाल में हिंसा पर ममता के दो 'खास' अफसरों पर क्यों गिरी गाज, जानिए वजह
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) के दौरान हिंसा के मद्देनजर चुनाव आयोग (Election Commission) ने आर्टिकल 324 का इस्तेमाल करते हुए प्रचार की समय सीमा खत्म होने से लगभग 20 घंटे पहले ही कैंपेन पर रोक का फैसला किया। इसके अलावा चुनाव आयोग ने दो सीनियर अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जिसमें गृह सचिव अत्रि भट्टाचार्य और सीआईडी के ADG राजीव कुमार शामिल है। ये दोनों अफसर सीएम ममता बनर्जी के खास बताए जाते हैं।

बंगाल में हिंसा पर चुनाव आयोग ने की बड़ी कार्रवाई
अमित शाह के रोड शो के दौरान मंगलवार शाम को विद्यासागर की प्रतिमा के तोड़े जाने को लेकर आयाग ने कहा कि ये निंदनीय है। हम आशा करते हं कि राज्य प्रशासन ऐसा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करेगा। आयोग ने एडीजी सीआइडी राजीव कुमार को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करके केंद्रीय गृह मंत्रालय भेज दिया। उनको गुरुवार (16 मई) गृह मंत्रालय रिपोर्ट करने को कहा गया। जबकि राज्य के प्रधान गृह सचिव अत्रि भट्टाचार्य को भी हटा दिया।
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गृहसचिव ने लिखा था राज्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र
इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, चुनाव आयोग का ये फैसला गृह सचिव के राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को लिखे एक पत्र के बाद आया। अपने आदेश में चुनाव आयोग ने कहा कि राज्य के गृह सचिव ने उनके आदेशों का पालन करने के बजाय आयोग को 'निर्देश' देने की कोशिश की। वरिष्ठ अधिकारी ने सीईओ लिखे पत्र में कहा था कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की तैनाती कैसे की जानी चाहिए। इसमें कहा गया था कि चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में तैनात सीएपीएफ के कामकाज को लेकर परेशान करने वाले घटनाक्रम सामने आए हैं। 12 मई को मतदान के दौरान सीएपीएफ द्वारा गोलीबारी की घटनाओं से आप अवगत होंगे। भट्टाचार्य ने लिखा था कि यहां CAPF कर्मियों के मतदाताओं पर बिना किसी औचित्य के लाठीचार्ज करने की खबरें हैं।

राजीव कुमार पर भी गिरी गाज
चुनाव आयोग ने बुधवार को सीबीआई के एडीजी राजीव कुमार का राज्य से बाहर तबादला कर दिया। राजीव कुमार ने कथित रूप से भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा को एक होटल से बाहर ले जाकर कोलकाता पुलिस को सौंप दिया था। बग्गा कथित रूप से उस स्थान पर मौजूद थे जहां मंगलवार को हिंसा हुई थी। कोलकाता पुलिस ने 'अज्ञात व्यक्तियों' के खिलाफ दंगा और आगजनी का मामला दर्ज किया है। चुनाव आयोग के आदेश के अनुसार, राजीव कुमार को 16 मई को सुबह 10 बजे गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है।

शाह के रोड शो के दौरान हुई थी हिंसा
सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षक विवेक दुबे द्वारा अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाए जाने के बाद अंतिम निर्णय लिया गया था जिसमें कहा गया था कि दोनों अधिकारी चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में कुछ घटनाओं में शामिल थे। बता दें कि रोड शो में हिंसा के बाद अमित शाह ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा था और कहा था कि आयोग मूकदर्शक बना हुआ है। बीजेपी ने चुनाव आयोग से कोलकाता हिंसा की शिकायत की थी।












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