Himanta Biswa Sarma: कब होगा हिमंता बिस्वा का शपथ ग्रहण समारोह? बीजेपी ने नड्डा को बनाया पर्यवेक्षक
Himanta Biswa Sarma: असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में सरकार गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। 4 मई 2026 को घोषित हुए परिणामों में पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला है, जिसके बाद भाजपा असम में तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने जा रही। आपको बता दें कि इस चुनाव में असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में NDA ने 126 में से 102 से अधिक सीटें जीतकर जीत की हैट्रिक लगाई है।
मंगलवार को भाजपा की ओर से पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षक की नियुक्ति कर दी गई है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि भाजपा जल्द ही मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाने वाली है। भाजपा ने अपने वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा को असम में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

नड्डा की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि वे पार्टी विधायकों के साथ बैठक कर नए नेता का चयन सुनिश्चित करेंगे। उनके नेतृत्व में ही विधायक दल की बैठक आयोजित होगी, जिसमें मुख्यमंत्री पद के लिए अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
नायब सिंह सैनी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक बनाया गया
वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को असम के लिए केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। सैनी पर्यवेक्षक के साथ मिलकर पूरी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने में सहयोग करेंगे। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, असम में शपथ ग्रहण समारोह मई के दूसरे सप्ताह में आयोजित किया जा सकता है।
हिमंता बिस्वा सरमा राज्य के बनेंगे दूसरी बार सीएम?
हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जिस तेजी से पार्टी ने अपनी तैयारियां शुरू की हैं, उससे यह तय माना जा रहा है कि अगले हफ्ते हिमंता बिस्वा सरमा राज्य के दूसरी बार सीएम पद की शपथ लेंगे।
दो-तीन दिनों के भीतर तय होगी तारीख
हालांकि जब हिमंता बिस्वा सरमा से नई सरकार के गठन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मीडिया को जवाब दिया कि 'नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की आधिकारिक तिथि अगले दो-तीन दिनों के भीतर तय होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका विस्तृत कार्यक्रम पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के समन्वय से ही अंतिम रूप लेगा।'
आइए एक नजर डालते हैं हिमंत बिस्वा सरमा के अब तक के राजनीतिक सफर पर ...
आपको बता दें कि 1 फरवरी 1969 को असम के जोराहट में जन्मे हिमंता पेशे से वकील हैं, बीआरएम गवर्मेंट लॉ कॉलेज गुवाहाटी से एलएलबी करने के बाद उन्होंने साल 2001 तक गुवाहाटी हाईकोर्ट में वकालत की। छात्र राजनीति से अपनी शुरुआत करने वाले सरमा ने अपना राजनीतिक सफर कांग्रेस के साथ शुरू किया था।
तरुण गोगोई के बेहद खास थे हिमंत बिस्वा सरमा
मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के कार्यकाल (2002 से 2014) के दौरान, सरमा कांग्रेस सरकार के सबसे शक्तिशाली मंत्रियों में से एक थे लेकिन बाद में मतभेद के चलते उन्होंने 23 अगस्त 2015 को भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली थी, धीरे-धीरे पार्टी के दिग्गज नेताओं में से एक हो गए। वो जल्द ही NEDA के संयोजक बनाए गए, वह जलुकबारी से असम विधानसभा के छह बार सदस्य रह चुके हैं, और 2001 से लगातार चुने जाते रहे हैं।
सरमा के चेहरे पर लड़ा गया साल 2026 का विधानसभा चुनाव
साल 2021 में भाजपा की जीत के बाद हिमंत बिस्वा सरमा को असम का मुख्यमंत्री बनाया गया। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उनके कार्यकाल में कई बड़े फैसले लिए गए, जिनमें पुलिस सुधार, शिक्षा क्षेत्र में बदलाव और विकास परियोजनाएं शामिल हैं और अब दो इस बार दूसरी बार सीएम की कुर्सी संभालने वाले हैं।














Click it and Unblock the Notifications