मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर गिरफ्तार, फोन टैपिंग मामले में ED ने की कार्रवाई
नई दिल्ली, 19 जुलाई। एनएसई के कथित फोन टैपिंग मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। पिछले दो दिन से जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही थीं। इससे ठीक एक दिन पहले ईडी ने उनसे दिनभर पूछताछ की थी।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एनएसई कर्मचारियों पर अवैध रूप से जासूसी करने के आरोप में मुंबई के पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी संजय पांडे को गिरफ्तार किया है।
नेशनल स्टॉक एक्चेंज से जुडे कथित फोन टैपिंग मामले में आरोप है कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे समर्थित कंपनी आईसेक सर्विसेज को अनुबंध राशि के रूप में लगभग 4.45 करोड़ रुपये मिले। इससे पहले सीबीआई भी संजय पांडे से पूछताछ कर चुकी है। सूत्रों की मानें तो संजय पांडे के आवास सहित मुंबई, पुणे, कोटा, लखनऊ और दिल्ली-एनसीआर में आरोपियों के 18 परिसरों की तलाशी ली गई थी।
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि संजय पांडे से मामले में मंगलवार को दिनभर पूछताछ हुई। इससे पहले सोमवार को भी उनसे जांच एजेंसियों ने पूछताछ की थी। पूर्व पुलिस अधिकारी को एनएसई के सुरक्षा ऑडिट के लिए उनके द्वारा शुरू की गई एक फर्म के व्यवसाय और संचालन से संबंधित सवालों के जवाब देने थे। अधिकारियों ने उनके बयान पीएमएलए एक्ट के तहत दर्ज किए हैं। कहा जा रहा है कि संजय पांडे ने पूछताछ के दौरान अधिकारियों का सहयोग नहीं किया।
अवैध जासूसी के मामले में, सीबीआई ने अपनी जांच के दौरान, संजय पांडे द्वारा समर्थित एक कंपनी को भुगतान रसीदें, रिकॉर्डिंग के आवाज के नमूने, रिकॉर्डिंग के मूल टेप और सर्वर के साथ-साथ आईसेक सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के परिसर से दो लैपटॉप बरामद किए थे। लिमिटेड, संजय पांडे से जुड़ी एक फर्म, जिसमें चार एमटीएनएल लाइनों पर फोन टैपिंग के सबूत हैं, प्रत्येक लाइन में एक बार में 30 कॉल शामिल हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, एनएसई के पूर्व प्रमुख चित्रा रामकृष्णा और रवि नारायण ने एनएसई के कर्मचारियों की अवैध रूप से जासूसी करने के लिए एक निजी फर्म में काम किया। मामले की जांच कर रही सीबीआई को संदेह है कि दोनों एक्सचेंज से संबंधित जानकारी लीक कर रहे थे।












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