कोटक महिंद्रा बैंक के ब्रांच मैनेजर को रोहित टंडन से मिले थे 51 करोड़ रुपये, ईडी के सूत्रों का दावा
प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों ने दावा किया है कि कोटक महिंद्रा बैंक के ब्रांच मैनेजर आशीष कुमार को रोहित टंडन ने 51 करोड़ रुपये दिए थे। रोहित टंडन ने पूछताछ में यह बात कही है।
नई दिल्ली। नोटबंदी के बीच प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी का दौर जारी है। इस बीच बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली के केजी मार्ग स्थित कोटक महिंद्रा बैंक के ब्रांच मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें दिल्ली के साकेत कोर्ट में पेश किया गया जहां से कोर्ट ने उन्हें प्रवर्तन निदेशालय की पांच दिनों की रिमांड पर भेज दिया गया। इस बीच प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों ने दावा किया है कि कोटक महिंद्रा बैंक के ब्रांच मैनेजर आशीष कुमार को रोहित टंडन ने 51 करोड़ रुपये दिए थे। रोहित टंडन ने पूछताछ में यह बात कही है। प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों ने इस बात का भी खुलासा किया कि बैंक मैनेजर आशीष कुमार ने 38 करोड़ का ड्राफ्ट फर्जी नाम के जरिए बनाया। हालांकि बाद में आयकर विभाग ने इसे रद्द कर दिया। हालांकि उन्हें 13 करोड़ रुपये नोटों के अदला-बदली की वजह से उन्हें मिले। इस बीच प्रवर्तन निदेशालय की दिल्ली और कोलकाता की टीम ने पारसमल लोढ़ा के अलीपोर में इलाहाबाद बैंक के लॉकर को खंगाला।

ब्रांच मैनेजर ED के पांच दिन के रिमांड पर
नोटबंदी के बाद से लगातार बैंकों के अधिकारी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। इसी के मद्देनजर दिल्ली के केजी मार्ग स्थित कोटक महिंद्रा बैंक के ब्रांच मैनेजर आशीष कुमार को प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने गिरफ्तार किया। बैंक मैनेजर आशीष कुमार की गिरफ्तारी पारसमल लोढ़ा और रोहित टंडन केस में संबंधों के आधार पर की गई। इस बात का खुलासा ईडी सूत्रों ने भी किया है। रोहित टंडन से पूछताछ में जो बातें सामने आई हैं उसके मुताबिक कोटक महिंद्रा बैंक के ब्रांच मैनेजर आशीष कुमार को रोहित टंडन ने 51 करोड़ रुपये दिए थे। ब्रांच मैनेजर पर आरोप है कि उन्होंने हवाला कारोबारियों के कालेधन को सफेद करवाया है। इस बात की तस्दीक प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों ने किया है। ब्रांच मैनेजर आशीष कुमार ने 38 करोड़ का ड्राफ्ट फर्जी नाम के जरिए बनाया। हालांकि बाद में आयकर विभाग ने इसे रद्द कर दिया। हालांकि उन्हें 13 करोड़ रुपये नोटों के अदला-बदली की वजह से उन्हें मिले।
बता दें कि पिछले हफ्ते ही प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने कोलकाता के कारोबारी पारसमल लोढ़ा को मुंबई में पकड़ा था। जांच टीम ने दिल्ली की एक लॉ फर्म से भारी संख्या में 500 और 2000 रुपये की नई करेंसी बरामद की थी, जो कि अधिवक्ता रोहित टंडन और चेन्नई के व्यवसायी शेखर रेड्डी से संबंधित थी। आयकर अधिकारियों ने इसके साथ-साथ 132 करोड़ के करेंसी नोट सीज करने का दावा किया था। इनमें 34 करोड़ रुपये 2000 के नोटों में थे, साथ ही 177 किलो सोना भी मिला था। जांच टीम ने शेखर रेड्डी के 14 ठिकानों पर छापेमारी करके इस सम्पत्ति को बरामद किया था।
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