बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी ने कुर्क की एसएलओ इंडस्ट्रीज लिमिटेड से संबंधित 3.81 करोड़ रुपये की अचल संपतियां
नई दिल्ली, 23 फरवरी। देश के सबसे बड़े बैंकिंग फ्रॉड मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बैंक धोखाधड़ी मामले में पीएमएलए, 2002 के तहत एसएलओ इंडस्ट्रीज लिमिटेड से संबंधित 3.81 करोड़ रुपये की दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।

बता दें देश का सबसे बड़े बैंक घोटाले की जांच ईडी कर रही है। ईडी ने बैंकों के समूह के साथ 22,842 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी मामले में एबीजी शिपयार्ड लिमिडेट और उसके पूर्व प्रवर्तकों के साथ अन्य के खिलाफ मनी लांड्रिंग का आपराधिक केस दर्ज किया था। ईडी ने सीबीआई की तरफ से एफआईआर दर्ज होने के बाद ये कदम उठाया था।
इससे पहले, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पूर्ववर्ती सिंडिकेट बैंक (अब केनरा बैंक) के अधिकारियों और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के साथ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत कई प्राथमिकी दर्ज की थीं।
ईडी ने प्राथमिकी और संघीय जांच एजेंसी की चार्जशीट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए के तहत जांच शुरू की। ईडी को अपनी जांच में पता चला कि 2011 और 2016 के बीच मुख्य जालसाज भारत बम, उदयपुर स्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट ने बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से सिंडिकेट बैंक से 1,267.79 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।
ईडी अधिकारी ने कहा धोखेबाजों के तौर-तरीकों में उनi.oneindia.com/news/entertainment/case-filed-against-film-director-mahesh-manjrekar-under-ipc-and-pocsoके नाम या सदस्यों के नाम पर ऋण स्वीकृत करना शामिल थ। आरोपियों ने Bharat Bomb द्वारा नियंत्रित मुखौटा कंपनियों के माध्यम से नकली चेक जारी किए। धोखेबाजों द्वारा ऋण कभी नहीं चुकाया गया।












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