West Bengal में वोटिंग का 'महा-सैलाब' देख ECI ने किया सैल्यूट! किन जिलों में हुई रिकॉर्ड तोड़ पोलिंग?
West Bengal, Tamil Nadu Elections 2026 Highlights: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में लोकतंत्र के महापर्व का पहला अध्याय एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड के साथ संपन्न हुआ। गुरुवार शाम 6 बजे जब पोलिंग बूथों के दरवाजे बंद हुए, तो जो आंकड़े सामने आए उन्होंने पूरे देश को हैरान कर दिया। कड़े सुरक्षा इंतजामों और चिलचिलाती गर्मी के बावजूद मतदाताओं ने जिस तरह से घरों से बाहर निकलकर लोकतंत्र में अपनी आस्था दिखाई, उसने चुनाव आयोग का दिल जीत लिया।
चुनाव आयोग ने न केवल इन आंकड़ों को जारी किया, बल्कि दोनों राज्यों की जनता के जज्बे को झुककर सलाम भी किया है। आइए जानतें हैं आखिर क्यों इस बार की वोटिंग ने पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

चुनाव आयोग ने मतदाताओं को किया सैल्यूट
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद दोनों राज्यों के मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आयोग इन दोनों राज्यों के प्रत्येक मतदाता को लोकतंत्र के इस उत्सव में इतनी बड़ी संख्या में भाग लेने के लिए सलाम करता है। ज्ञानेश कुमार के मुताबिक, आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में यह अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है, जो भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण है।
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के दौरान 91.91 प्रतिशत की भारी वोटिंग दर्ज की गई। वहीं, तमिलनाडु में भी मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया और वहां 84.80 प्रतिशत मतदान हुआ। अगर 2021 के विधानसभा चुनावों से तुलना करें, तो उस समय बंगाल में 85.2 प्रतिशत और तमिलनाडु में 76.6 प्रतिशत वोट पड़े थे, यानी इस बार भागीदारी में एक बड़ा उछाल देखने को मिला है।
पश्चिम बंगाल के किन जिलों ने रचा इतिहास?
बंगाल में मतदान का स्तर इतना ऊंचा था कि राज्य के लगभग सभी प्रमुख जिलों ने 90 प्रतिशत का आंकड़ा पार कर लिया। दक्षिण दिनाजपुर 94.85% के साथ सबसे आगे रहा, इसके बाद कूचबिहार में 94.54%, बीरभूम में 93.70%, जलपाईगुड़ी में 93.23% और मुर्शिदाबाद में 92.93% मतदान दर्ज किया गया। ये आंकड़े बताते हैं कि राज्य के हर कोने में मतदाता अपने मताधिकार को लेकर कितने जागरूक थे।
सबसे ज्यादा मतदान वाले दक्षिण दिनाजपुर में क्यों मचा भारी बवाल?
हैरानी की बात यह है कि जिस दक्षिण दिनाजपुर ने वोटिंग में रिकॉर्ड बनाया, वहीं से हिंसा की सबसे डरावनी तस्वीर भी सामने आई। जिले की कुमारगंज विधानसभा सीट पर पहले चरण के दौरान भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर कथित तौर पर टीएमसी समर्थकों ने जानलेवा हमला कर दिया।
- दौड़ा-दौड़ा कर पीटा: सुवेंदु सरकार जब बूथ नंबर 24 पर गड़बड़ी की शिकायत देखने पहुंचे, तो भीड़ ने उन्हें लाठियों और घूंसों से निशाना बनाया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में उन्हें जान बचाने के लिए खेतों में दौड़ते हुए देखा गया।
- गाड़ी में तोड़फोड़: हमलावरों ने न केवल उम्मीदवार को घायल किया, बल्कि उनकी कार को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
- ECI का एक्शन: चुनाव आयोग ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
तमिलनाडु के प्रमुख जिलों का क्या रहा हाल?
तमिलनाडु में भी प्रमुख जिलों में मतदान का ट्रेंड काफी मजबूत रहा। यहां करूर जिला 92.48% वोटिंग के साथ टॉप पर रहा। इसके बाद सलेम में 90.42%, धर्मपुरी में 90.02%, इरोड में 89.97% और नमक्कल में 89.63% मतदान हुआ। इन आंकड़ों ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
पश्चिम बंगाल में अगले चरण की वोटिंग कब होगी?
राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ हुए उपचुनावों में भी लोगों ने हिस्सा लिया। गुजरात की उमरेठ सीट पर 59.04% मतदान हुआ, जबकि महाराष्ट्र के राहुरी में 55.70% और बारामती में 57.77% वोटिंग दर्ज की गई। अब सबकी नजरें पश्चिम बंगाल के अगले चरण पर हैं, जहां शेष 142 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 29 मई को मतदान होगा। सभी सीटों के चुनावी नतीजों की घोषणा 4 मई को की जाएगी।














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