Earthquake in Myanmar: संकट के बीच भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, जानिए क्या है 'ऑपरेशन ब्रह्मा' ?
Earthquake in Myanmar: शुक्रवार, 28 मार्च को 7.2 तीव्रता से आए भूकंप ने दो देशों में भारी तबाही मचाई है। म्यांमार और थाईलैंड में इस आपदा से अब तक करीब 1000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है जिसमें मौत के आंकड़े बढ़ने की भी आशंका है।
हमेशा की तरह भारत ने इस बार फिर संकट में फंसे अपने मित्र देशों की मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं। भारत ने म्यांमार की मदद करने के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू कर दिया है।

Earthquake in Myanmar: क्या है ऑपरेशन ब्रह्मा?
इसके तहत भारतीय वायुसेना का सी-130 विमान 15 टन राहत सामग्री लेकर हिंडन एयरबेस से म्यांमार के यांगून के लिए रवाना हुआ। भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री में हर वह चीज शामिल है, जो इस संकट में म्यांमार के लोगों के लिए तत्काल जरूरी है।
भारत की ओर से टेंट और स्लीपिंग बैग बेघर हुए लोगों को आश्रय और गर्माहट देने के लिए भेजे गए हैं। लोगों के खाने-पीने के लिए भोजन सामग्री, वाटर प्यूरीफायर और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए हाइजीन किट भेजी गई है जो बीमारियों को रोकने के लिए बेहद जरूरी है।
गृह मंत्रालय के प्रवकता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर ट्विट करके बताया, "ऑपरेशन ब्रह्मा कल(शुक्रवार)भीषण भूकंप से प्रभावित म्यांमार के लोगों की सहायता के लिए प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में कार्य कर रहा है। टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, खाद्य पैकेट, स्वच्छता किट, जनरेटर और आवश्यक दवाओं सहित 15 टन राहत सामग्री की हमारी पहली खेप में यांगून पहुंच गई है।"
Earthquake in Myanmar: PM Modi ने किया ट्विट
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी है। पीएम मोदी ने कहा, "मैंने म्यांमार के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से बात की। हमने विनाशकारी भूकंप में हुई जानमाल की हानि पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। एक करीबी दोस्त और पड़ोसी के रूप में, भारत इस कठिन घड़ी में म्यांमार के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। #ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत आपदा राहत सामग्री, मानवीय सहायता और खोज और बचाव दल को प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से भेजा जा रहा है।"
Earthquake in Myanmar: म्यांमार में भीषण भूकंप ने मचाई तबाही
भू-वैज्ञानिकों के मुताबिक भूकंप का एपिसेंटर म्यांमार के साउदर्न कोस्ट के सागाइंग के पास था। जर्मनी के GFZ भूविज्ञान केंद्र ने बताया था कि भूकंप 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर था इसी वजह से भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया। ये झटके इतने भयावह थे कि दोनों देशों के बुनियादी ढांचे पूरी तरह चरमरा गए। गगनचुंबी इमारतें ढह गई, सड़कों में दरार आ गए और लोगों बेघर हो चुके हैं।












Click it and Unblock the Notifications