'डिपोर्टेशन कोई नया नहीं, अमेरिका ने नियमों के तहत भारतीयों को भेजा', संसद में बोले विदेश मंत्री S Jaishankar

S Jaishankar Address Rajya Sabha: संसद का बजट सत्र चल रहा है, ऐसे में गुरुवार (06 फरवरी) को विपक्षी दलों के सांसदों ने अमेरिका से कथित अवैध भारतीय अप्रवासियों को वापस भेजे जाने के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही को दो बार स्थगित भी करना पड़ा। अब इस मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में अपना पक्ष रखा।

विपक्ष के नेताओं का आरोप है कि अमेरिका से वापस भेजे जाने के दौरान भारतीय नागरिकों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया है। जिस पर अब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में अपनी बात रखी। राज्यसभा में विदेश मंत्री ने कहा कि डिपोर्टेशन कोई नया नहीं है, अमेरिका ने नियमों के तहत भारतीयों को भेजा है।

EAM S Jaishankar

किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न हो-एस जयशंकर

अमेरिका से निर्वासित किए गए भारतीय नागरिकों पर राज्यसभा में बोलते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, "यह सभी देशों का दायित्व है कि यदि उनके नागरिक विदेश में अवैध रूप से रह रहे पाए जाते हैं तो उन्हें वापस ले लिया जाए।" उन्होंने कहा कि हम अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वापस लौटने वाले निर्वासितों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न हो।

यह कोई नया मुद्दा है-विदेश मंत्री

कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला के अमेरिका से निर्वासित किए गए भारतीय नागरिकों के बारे में राज्यसभा में उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, "हम जानते हैं कि कल (05 फरवरी) 104 लोग वापस भारत पहुंचे हैं। हमने ही उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि की है। हमें ऐसा नहीं समझना चाहिए कि यह कोई नया मुद्दा है। यह एक ऐसा मुद्दा है जो पहले भी होता रहा है।"

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि, "अमेरिका द्वारा निर्वासन (deportation), आव्रजन (Immigration) सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) प्राधिकरण की ओर से किया जाता है। ICE द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले विमान द्वारा निर्वासन का SOP जो 2012 से प्रभावी है, संयम बरतने का प्रावधान करता है। हमें आईसीई द्वारा बताया गया है कि महिलाओं और बच्चों पर कोई नियंत्रण नहीं है।"

अवैध आव्रजन इंडस्ट्री पर होगी कार्रवाई-विदेश मंत्री

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, "हम अमेरिकी सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए संपर्क कर रहे हैं कि निर्वासितों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न हो। साथ ही, सदन इस बात की सराहना करेगा कि हमारा ध्यान अवैध आव्रजन उद्योग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर होना चाहिए। निर्वासितों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर, कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​एजेंटों और ऐसी एजेंसियों के खिलाफ आवश्यक, निवारक और अनुकरणीय कार्रवाई करेंगी।"

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राज्य सभा में बोलते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, "अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वापस लौटने वाले प्रत्येक व्यक्ति (अमेरिका से निर्वासित भारतीय) के साथ बैठें और पता लगाएं कि वे अमेरिका कैसे गए, एजेंट कौन था, और हम कैसे सावधानी बरतें ताकि यह फिर न हो।"

लोकसभा में विदेश मंत्री के बयान पर हंगामा, कार्यवाही स्थगित

वही राज्यसभा के बाद विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भारतीय नागरिकों के मुद्दे पर लोकसभा में अपनी बात रखी। हालांकि विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि विदेश मंत्री का बयान पहले लोकसभा में दिया जाना चाहिए था। विपक्षी सांसदों के हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही 7 फरवरी तक स्थगित कर दी गई है।

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