ई-कॉमर्स साइट लॉकल को जगह दे रहीं, इलेक्ट्रोनिक्स बाजार में चीन फिर भी बहुत मजबूत
नई दिल्ली। भारत के चीन के बीच इन दिनों काफी ज्यादा तनाव है। चीन की ओर से भारतीय सैनिकों पर हमला किए जाने और इसमें 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद देश में कई जगहों पर प्रदर्शन भी हुए हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि चीन में बने सामानों को इस्तेमाल में ना लाया जाए और उनका बहिष्कार किया जाए। ऐसा कर चीन को आर्थिक तौर पर चोट देने की कोशिश है। कई ई-कॉमर्स साइटों ने हाल के दिनों में ये कोशिश भी शुरू की है कि लोकल प्रोडक्ट को बढ़ावा दिया जाए लेकिन चीनी सामान से मुकाबला आसान नहीं है।

चीन इलेक्ट्रोनिक्स में मजबूत
चीन तेजी जिन सामानों की मांग ज्यादा है, जैसे स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स के सामानों का सबसे बड़ा हब है। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ई-कॉमर्स से जुड़े लोगों का कहना है कि लंबे समय से वो स्थानीय सामान को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। अब कोविड -19 और भारत-चीन सीमा पर तनाव के बाद इसमें कुछ तेजी भी आई है।
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ई-कॉमर्स साइट लोकल को दे रही जगह
अमेजन और फ्लिपकार्ट दो बड़े प्लेयर हैं। ये दोनों ही पिछले कुछ हफ्तों से स्थानीय ब्रांड और छोटे निर्माताओं को बढ़ावा देने के लिए अभियान चला रहे हैं। अब चीन के सामानों को बायकॉट करने का अभियान शुरू होने से उनको भी फायदा हुआ है। स्नैपडील ने कहा है कि वो भारत के एमएसएमई को बिजनेस बढ़ाने के लिए लगातार प्लेटफॉर्म दे रहा है। हालांकि उन्होंने चीन से तनाव पर कुछ कमेंट नहीं किया।

चीन और भारत के बीच तनाव
बता दें कि पूर्वी लद्दाख में एलएसी के पास चीन और भारत की सेनाएं आमने-सामने हैं। बीते एक महीने से ज्यादा समय से दोनों देशों के बीच तनाव है। दोनों सेनाओं में जारी तनातनी के बीच सोमवार रात को हिंसक झड़प हुई। जिसमें एक कर्नल सहित 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए। जिसके बाद भारत में ना सिर्फ आम लोग बल्कि केंद्रीय मंत्री और सांसद तक चीनी सामान का बहिष्कार कर देने का आह्वान लोगों से कर रहे हैं।












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