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Dubai Air Show: क्या है 'नेगेटिव जी' टर्न, जो भारत के सबसे सुरक्षित फाइटर जेट Tejas को ले डूबा?

Tejas Crash: दुबई एयर शो के दौरान भारतीय वायुसेना के हल्के लड़ाकू विमान एलसीए तेजस की दुखद दुर्घटना ने विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विमानन विशेषज्ञों के शुरुआती आकलन के अनुसार, जमीन पर गिरने से ठीक पहले फाइटर जेट ने एक उच्च-जोखिम वाला 'नेगेटिव जी टर्न' लिया था। 'नेगेटिव जी' एक ऐसा बल होता है जो विमान और पायलट पर सामान्य गुरुत्वाकर्षण के विपरीत दिशा में लगता है, जो हवाई करतबों के दौरान नियंत्रण खोने पर घातक साबित हो सकता है।

यह दुर्घटना, जिसने एक अनुभवी पायलट की जान ले ली, तेजस के शानदार सुरक्षा रिकॉर्ड (24 सालों में दूसरी दुर्घटना) के बावजूद हुई है। जबकि विस्तृत जांच ही दुर्घटना के सटीक कारणों का खुलासा करेगी, विमान के 'स्वाभाविक रूप से अस्थिर' डिजाइन और जटिल 'नेगेटिव जी' युद्धाभ्यास के दौरान 'फ्लाई-बाय-वायर' सिस्टम की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

Tejas Crash

क्या है Negative G?

'नेगेटिव जी' (Negative G) से तात्पर्य उस बल से है जो विमान और उसके पायलट पर सामान्य सकारात्मक गुरुत्वाकर्षण (Positive G) के विपरीत दिशा में लगता है। जहां पॉजिटिव जी पायलट को सीट में दबाता है, वहीं नेगेटिव जी उन्हें सीट से ऊपर खींचता है। यह बल तब उत्पन्न होता है जब विमान तेजी से नीचे की ओर गोता लगाता है या उल्टे (Inverted) युद्धाभ्यास करता है। यह एक उच्च-जोखिम वाला हवाई युद्धाभ्यास है जिसके लिए असाधारण नियंत्रण और पायलट के शरीर पर विपरीत शारीरिक प्रभावों का सामना करने की आवश्यकता होती है।

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'नेगेटिव जी' का पायलट पर प्रभाव

नेगेटिव जी बल के कारण पायलट के शरीर में रक्त का प्रवाह सिर की ओर बढ़ जाता है। इस स्थिति को रेड आउट कहा जाता है, जो चेहरे और आँखों में अत्यधिक रक्त जमाव के कारण लाल रंग के रूप में दिखाई देता है। यदि यह बल नियंत्रित न हो या बहुत अधिक हो, तो इससे पायलट को भटकाव (Disorientation), तीव्र सिरदर्द, दृष्टि की क्षणिक हानि, या यहाँ तक कि चेतना का नुकसान (Loss of Consciousness - LOC) भी हो सकता है। इसीलिए पायलट इस बल के प्रभावों को प्रबंधित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण लेते हैं।

तेजस का डिजाइन और अस्थिरता

एलसीए तेजस को जानबूझकर 'स्वाभाविक रूप से अस्थिर' (Naturally Unstable) डिज़ाइन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य इसे अत्यधिक फुर्तीला (Agile) और प्रभावी बनाना है। इस अस्थिरता का मतलब है कि विमान स्वाभाविक रूप से उड़ान पथ से भटकना चाहता है। इस अस्थिरता को नियंत्रित करने और विमान को स्थिर रखने के लिए, तेजस एक उन्नत 'फ्लाई-बाय-वायर' (Fly-by-Wire - FBW) सिस्टम या उड़ान कंप्यूटर पर पूरी तरह निर्भर करता है। यह FBW सिस्टम पायलट के इनपुट को इलेक्ट्रॉनिक रूप से संसाधित करके नियंत्रण सतहों को समायोजित करता है, जो जटिल युद्धाभ्यासों के लिए आवश्यक है।

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24 साल के इतिहास में दूसरी दुर्घटना

दुबई एयर शो में हुआ तेजस क्रैश, विमान के 24 साल के संचालन इतिहास में दूसरी दुर्घटना है। इससे पहले, मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में पहली दुर्घटना हुई थी। इस दुर्घटना से पहले, एलसीए तेजस का भारतीय वायुसेना के बेड़े में सबसे अच्छा सुरक्षा रिकॉर्ड था, जो इसकी डिजाइन और इंजीनियरिंग की विश्वसनीयता को दर्शाता है। इस नवीनतम दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए एक विस्तृत जांच जारी है, जिसमें 'नेगेटिव जी टर्न' के दौरान FBW सिस्टम या अन्य तकनीकी विफलताओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

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