परिवहन मंत्रालय ने DL बनवाने के नियमों में किया बदलाव, यहां जानें नए रूल
नई दिल्ली, 23 सिंतबर। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सोच रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने डीएल बनवाने के नियमों में बदलाव कर दिया है। इसको लेकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक ट्वीट भी किया है। ऐसे में नए नियम को मानना सभी के लिए अनिवार्य हो गया है। आइए जानते हैं कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से डीएल के नियमों में क्या-क्या बदलाव किए गए हैं...

ये भी पढ़ें- खुशखबरी ! MP में अब 3 घंटे में बन जाएगा परमानेंट डीएल, जानिए कब से होगी शुरुआत

सभी के लिए टेस्ट अनिवार्य
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की गाइड लाइन के मुताबिक अब मान्यता प्राप्त चालक प्रशिक्षण केन्द्रों से सर्टिफिकेट प्राप्त लोगों को भी दो पहिया और चार पहिया वाहन के लिए डीएल पर टेस्ट देना होगा। इससे पहले चालक प्रशिक्षण केन्द्रों से सर्टिफिकेट प्राप्त लोगों को टेस्ट नहीं देना होता था।

अब वर्ष के लिए रिन्यू होगा डीएल
अब ADTC की मान्यता का नवीनीकरण 5 वर्षों के लिए वैध होगा। वहीं, अब ड्राइविंग लाइसेंस तभी जारी किया जाएगा, जब प्रशिक्षु "ड्राइव करने की क्षमता की परीक्षा" करेगा। बिना इसके डीएल नहीं जारी किया जाएगा। अधिक जानकारी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ऑफिशियल वेबसाइट पर प्रशिक्षु प्राप्त कर सकते हैं।

इसलिए बदला गया है नियम
एक्सपर्ट्स की मानें तो सरकारी की तरफ से नियमों में इसलिए बदलाव किया गया है, क्योंकि चार पहिया या इससे बड़े वाहनों में बैलेंस बनाने की जरूरत नहीं होती है, लेकिन दोपहिया वाहनों में बैलेंस बनाना होता है। ऐसे में सेमुलेटर से प्रशिक्षु वाहन चला तो सकते हैं, लेकिन बैलेंस बनाने की उनकी ट्रेनिंग नहीं हो पाती है, इसलिए मैदान में दो पहिया वाहन के साथ ट्रेनिंग अनिवार्य कर दिया गया है।

इतने वर्ष तक डीएल रहता है वैलिड
जानकारी के मुताबिक ड्राइविंग लाइसेंस 15 वर्ष से लेकर 20 वर्ष तक वैलिड रहता है। इस वैलिडिटी खत्म होने के बाद भी डीएल 1 महीने तक वैलिड रहता है। हालांकि, इस दौरान व्यक्ति को रिन्यू करवाना होता है। इसके लिए व्यक्ति संबंधित राज्य के आरटीओ ऑफिस में जाना होता है।












Click it and Unblock the Notifications