Drinking water from air:इजरायली तकनीक वाली मशीन भारत में लॉन्च, जानिए कीमत
नई दिल्ली, 25 मई: भारत में इजरायली तकनीक पर आधारित हवा से पीने का पानी बनाने की मशीन बनाने की तैयारी है। इसके लिए इजरायली कंपनी का भारतीय कंपनी के साथ समझौता हुआ है। इजरायली कंपनी का कहना है कि भारत में उसने सभी तरह के पर्यावरण में अपने प्रोडक्ट की पड़ताल कर ली है, और राजस्थान जैसे कम नमी वाले इलाके में भी यह बेहतरीन तरीके से काम कर सकती है। फिलहाल भारतीय कंपनी इसके इजरायल से आयात करने पर विचार कर रही है, जब तक देश में इसका निर्माण शुरू नहीं हो जाता। यह मशीन एयर कंडीशनर वाली तकनीक पर काम करती है और इसमें फर्क ये है कि सर्द हवा की जगह पीने लायक स्वच्छ पानी निकलता है।

हवा से पीने का पानी बनाने वाली मशीन लॉन्च
इजरायली कंपनी वाटरजेन ने भारत में एसएमवी जयपुरिया ग्रुप के साथ मिलकर एक ज्वाइंट वेंचर लॉन्च करने की घोषणा की है, जिसमें उसकी तकनीक पर आधारित एटमोस्फेरिक वाटर जेनरेटर (एडब्ल्यूजी) का निर्माण होगा और यहां से उसका निर्यात भी किया जा सकेगा। हालांकि, अभी यह साफ नहीं किया गया है कि देश में इस तरह की मशीन का उत्पादन कब से शुरू होने की संभावना है। इस तकनीक के जरिए हवा से पीने का पानी बनाया जाता है। इसके बारे में भारत में इजरायल के राजदूत नेओर गिलॉन ने कहा,'हमारे महान रिश्ते में यह बहुत ही बेहतरीन कदम है, हम पीने के पानी की कमी को लेकर सहयोग कर रहे हैं और इस समस्या का समाधान कर रहे हैं।'

जल संकट को दूर करने की ओर कदम
इस दौरान यह भी बताया गया है कि भारत में दुनिया की 18% आबादी रहती है, जबकि वैश्विक जल संसाधन का सिर्फ 4% हिस्सा ही भारत में है। वाटरजेन ने और एसएमवी जयपुरिया ग्रुप के साझा प्रयास के बारे में गिलॉन ने कहा कि 'मुझे यहां आने और अच्छे भारतीय और इजरायली बिजनेसमैन के तकनीक के साथ हाथ मिलाते हुए देखकर खुशी हो रही है।' उधर एसएमवी जयपुरिया ग्रुप के डायरेक्टर चैतन्या जैयपुरिया ने इंडियन एक्सप्रेस डॉट कॉम से कहा है,'यह 50-50 का ज्वाइंट वेंचर है। इरादा पानी के उस समस्या के समाधान में मदद करने का है, जिसका अपना देश सामना कर रहा है।'

किस तकनीक पर करता है काम ?
एटमोस्फेरिक वाटर जेनरेटर (एडब्ल्यूजी) उसी तरह से काम करता है, जैसे कि एयर कंडीशनर अपने आसपास की हवा से नमी निकालकर उसे संघनित करके ठंडा कर देता है। नई तकनीक में इतना ही अलग है कि इसमें ठंडी हवा की जगह पीने लायक पानी निकल सकता है। कंपनी के पास घर से दफ्तर तक (Genny Home) के अलावा अलग-अलग क्षमता (Gen-M1, Gen-M Pro,Gen-L) के कई तरह के प्रोडक्ट हैं, जो रोजाना 30 लीटर से लेकर 6,000 लीटर तक हवा से पीने का पानी बना सकता है।

फ्रिज से कम बिजली की खपत- वाटरजेन
जेनी होम की रेंज की शुरुआत भारत में प्लग-इन-प्ले यूनिट के साथ 2.5 लाख रुपये से होगी। इसे लोग अपने घरों-दफ्तरों में लगा सकेंगे। बाकी प्रोडक्ट की कीमत इस बात पर निर्भर है कि उसे कहां पर लगाया जाना है और कितनी क्षमता की आवश्यकता है। वाटरजेन इंडिया के सीईओ मायन मुल्ला ने कहा, 'जेनी होम में बिजली की खपत 500 वॉट या 0.5 यूनिट से ज्यादा की नहीं होगी। आपका रेफ्रिजरेटर जितना लेता है, उससे कम।' ज्यादा क्षमता वाले बाकी प्रोडक्ट वहां इस्तेमाल होंगे, जहां ज्यादा पानी की आवश्यकता है। कंपनी का दावा है कि Gen-L प्रतिदिन 6000 लीटर तक हवा से पीने का पानी बना सकता है।

हवा में 30% से ज्यादा नमी होना जरूरी
जानकारी के मुताबिर जयपुरिया ग्रुप फिलहाल इन डिवाइसों को आयात करने पर विचार कर रहा है। हालांकि, एटमोस्फेरिक वाटर जेनरेटर (एडब्ल्यूजी) सही तरीके से काम करने इसके लिए खास तापमान और हवा में उचित नमी का होना आवश्यक है। इसके सही तरीके से काम करने के लिए जरूरी है कि हवा में नमी 30% या उससे अधिक रहे। लेकिन, जब बहुत ज्यादा ठंड होगी, तब भी यह तकनीक काम नहीं करेगी। वैसे वाटरजेन का दावा है कि उसके जो प्रोडक्ट हैं, वह 20% नमी में भी काम कर सकते हैं। कंपनी का कहना है कि वह राजस्थान समेत भारत के विभिन्न पर्यावरण वाले स्थानों में टेस्टिंग कर ली है और यह घरों के अंदर काफी अच्छे तरीके से काम करता है। टेस्टिंग की यह प्रक्रिया देश में लंबे वक्त से चल रही है।












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