DRDO की 2-DG दवा कोरोना के इलाज में कर रही है कमाल, नई स्टडी में चौंकाने वाले नतीजे
नई दिल्ली, 16 जून: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की ओर से विकसित एंटी-कोविड दवा 2-डीजी, कोरोना वायरस के सभी वेरिएंट के खिलाफ कारगर है। एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है। इस स्टडी के मुताबिक ये दवा वायरस के मल्टीप्लिकेशन को कम कर देता है। शोध में यह बात भी सामने आई है कि 2-डीजी (2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज) दवा सेल को इंफ्केशन-इंड्यूस्ड साइटोपैथिक इफेक्ट (सीपीई) और सेल डेथ से भी बचाती है।

मध्यम और गंभीर कोरोना मरीजों के लिए कारगर
बता दें कि 2-डीजी दवा डीआरडीओ और डॉक्टर रेड्डीज लैबोरेटरीज ने मिलकर विकसित किया है और मई महीने में ही इसे कोरोना के मध्यम से लेकर गंभीर मरीजों के लिए इसके इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है। क्लिनिकल ट्रायल के दौरान पाया गया है कि 2-डीजी दवा अस्पतालों में भर्ती कोरोना मरीजों को जल्द रिकवर करती है और बाहरी ऑक्सीजन पर से उनकी निर्भरता को भी कम कर देती है। डॉक्टर रेड्डीज लैबोरेटरीज ने इस दवा को पाउच में लॉन्च किया है।

एक पाउच की कीमत है 990 रुपये
मुंह में खिलाई जाने वाली यह दवा 17 मई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने लॉन्च की थी। दो हफ्ते पहले डीआरडीओ ने 2-डीजी के इस्तेमाल को लेकर खास निर्देश भी जारी किए थे। इसके मुताबिक जिन मरीजों को एक से ज्यादा गंभीर बीमारियां हैं, अनियंत्रित डायबिटीज है या फिर गंभीर हृदय रोग है या फिर वो रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम से पीड़ित हैं तो ऐसे कोविड मरीजों के लिए इसकी सलाह देते वक्त एहतियात रखी जानी चाहिए। बता दें कि देश में विकसित इस 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज दवा की एक पाउच की कीमत 990 रुपये रखी गई है।
अगर यह स्टडी आगे की समीक्षाओं में भी कारगर साबित हुई तो कोविड के खिलाफ अभियान में यह दवा मील का पत्थर साबित हो सकती है। वैसे 15 जून को प्रकाशित इस शोध की अभी और समीक्षा होनी है। इस शोध पत्र को अनंत नारायण भट्ट,अभिषेक कुमार, योगेश राय, धिविया वेदगिरी और अन्य ने लिखा है।












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