कार्बेवैक्स को DCGI से मिली मंजूरी, डॉक्टर डैंग्स लैब ने कहा- तीनों चरण की टेस्टिंग का हिस्सा बनने पर गर्व हुआ
नई दिल्ली, दिसंबर 29। कोरोना वायरस के खिलाफ भारत में अभी 2 स्वदेशी वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। एक है कोवैक्सीन तो दूसरी है ZyCoV-D, जिसके आपात इस्तेमाल की अभी मंजूरी मिली है। इसका इस्तेमाल होना बाकि है। इस बीच मंगलवार को DCGI की तरफ से 2 नई वैक्सीन और एक एंटी वायरल दवा को मंजूरी मिली है। DCGI की इस घोषणा पर डॉ डैंग्स लैब के सीईओ डॉक्टर अर्जुन डांग ने बधाई देते हुए कहा कि कॉर्बेवैक्स वैक्सीन के संबंध में एंड-टू-एंड सर्विसेज के लिए केंद्रीय प्रयोगशाला के रूप में इस यादगार यात्रा का हिस्सा बनने के लिए उन्हें बहुत गर्व महसूस हो रहा है।

अर्जुन डांग ने कहा है कि डॉ. डैंग्स लैब ने कॉर्बेवैक्स वैक्सीन के तीन चरणों के लिए कई स्क्रीनिंग, सेफ्टी और इम्यूनोजेनेसिटी टेस्टिंग की है, जो बहु-केंद्र, पारदर्शी परियोजना प्रबंधन, परिणाम शीघ्र प्रस्तुत करने, सटीक प्रयोगशाला विश्लेषण और जैव-डिपो के कुशल प्रबंधन को सुनिश्चित करते हैं।
आपको बता दें कि बायोलॉजिकल ई लिमिटेड कॉर्बेवैक्स का COVID-19 वैक्सीन कोरोना वायरस के खिलाफ पहला स्थानीय रूप से विकसित प्रोटीन सबयूनिट वैक्सीन है जो वैक्सीन एंटीजन के रूप में स्पाइक प्रोटीन रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन का उपयोग करता है। वैक्सीन के प्रोटीन सबयूनिट क्लास का कई सालों से कई वायरल रोग जनकों के खिलाफ सफलतापूर्वक उपयोग किया गया है और इसे उत्कृष्ट सुरक्षा प्रोफाइल और लगातार प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के लिए जाना जाता है, जिसे भारत में 30 से अधिक साइटों पर पहले, दूसरे और तीसरे चरण के तहत व्यापक क्लिनिकल टेस्टिंग में भी प्रदर्शित किया गया है।
डैंग लैब के CEO अर्जुन डांग ने कहा है कि उनकी लैब में हर क्षेत्र में प्रसिद्ध विशेषज्ञ हैं जिन्होंने एक प्रभावी और सुरक्षित COVID-19 वैक्सीन की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने का काम किया है। बता दें कि कॉर्बेवैक्स कोरोना वायरस के खिलाफ भारत में बनी तीसरी स्वदेशी वैक्सीन है।












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