अब बेंगलुरु को मत कहियेगा एयर कंडीशंड सिटी
बेंगलुरु। दिल्ली, लखनऊ, आगरा या पटना में बेंगलुरु का जिक्र आते ही लोग एक ही बात कहते हैं, "अरे बेंगलुरु तो एयरकंडीशंड सिटी है"। लेकिन सच्चाई तो यह है कि एयरकंडीशंड तो बैंगलोर (शहर का पिछला नाम) हुआ करता था, बेंगलुरु तो गर्मी तप रहा है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि बीते सप्ताह बेंगलुरु का औसत तापमान उत्तर भारत के कई शहरों से ज्यादा था।
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खैर बात रविवार 17 अप्रैल 2016 से शुरू करते हैं, जब पटना का अधिकतम तापमान 35 डिग्री था और बेंगलुरु का 37 डिग्री सेल्सियस। वहीं न्यूनताम तापमान दोनों के बराबर थे। रविवार का दिन बेंगलुरु के लिये सबसे गर्म दिन भी था।
बेंगलुरु जेपी नगर की श्रेयस कॉलोनी के डा. नागराज प्रसन्ना बताते हैं कि एक समय था, जब बैंगलोर में कोई सप्ताह ऐसा नहीं बीतता था, जिसमें बारिश नहीं हो। गर्मी? गर्मी मार्च-अप्रैल के महीने कहने के लिये समर सीज़न होता था। इस महीने में भी लोग जैकेट लादे रहते थे। लेकिन पिछले दो दशकों में सब कुछ बदल गया।
बेंगलुरु में गर्मी
68 वर्षीय डा. नागराज बताते हैं कि इसका सबसे बड़ा कारण प्रदूषण है। प्रदूषण का प्रभाव केवल लोगों के स्वास्थ्य पर ही नहीं पड़ता, बल्कि मौसम में परिवर्तन का भी बड़ा कारण प्रदूषण है।
एलर्जी पेशेंट
बेंगलुरु में बढ़ते पॉल्यूशन के कारण एलर्जी के पेंशेंट निरंतर बढ़ रहे हैं। पहले केवल सर्दी के दिनों में ही लोगों को छींकें, साइनस, जुकाम, सिर दर्द, श्वास संबंधी परेशानियां आदि होती थीं, लेकिन अब साल भर तक ऐसे पेशेंट आते रहते हैं। अफसोसनाक बात यह है कि एलर्जी का कोई इलाज भी नहीं होता है।












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