Article 370: क्या सिब्बल जानते थे कि ये कानूनी लड़ाई वो हार जाएंगे?
मोदी सरकार को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को बरकरार रखा है। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने इस मामले में फैसला सुनाया। पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग हैं। इसकी कोई आंतरिक संप्रभुता नहीं है। आज अपना फैसला सुनते हुए सर्वोच्य न्यायालय ने जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के फैसले को सही बताया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले कपिल सिब्बल का किया ट्वीट अब वायरल हो रहा है। राज्य सभा सांसद और जानेमाने अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अपने सोशल मीडिया साइट, एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा था कि कुछ लड़ाइयां हारने के लिए भी लड़ी जाती हैं। कोर्ट का फैसला आने के बाद ये चर्चा तेज है कि क्या सिब्बल पहले से जानते थे कि इस मामले में जीत नहीं मिलेगी?

क्या लिखा था सिब्बल ने?
कपिल सिब्बल ने सोमवार की सुबह 9 बज कर 39 मिनट पर एक्स पर लिखा,"न्यायालय, कुछ लड़ाइयाँ हारने के लिए लड़ी जाती हैं। इतिहास को पीढ़ियों के जानने के लिए असुविधाजनक तथ्यों को दर्ज करना होगा। संस्थागत कार्रवाइयों के सही और गलत होने पर आने वाले वर्षों में बहस होती रहेगी। इतिहास ही अंतिम निर्णायक है ऐतिहासिक निर्णयों की नैतिक दिशा-निर्देश का।"
आपको बता दें, अनुच्छेद 370 पर सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल आर व्यंकटरमानी, महाधिवक्ता तुषार मेहता, हरीश साल्वे, राकेश द्विवेदी और वी गिरि ने पक्ष रखा था। जबकि याचिकाकर्ताओं का पक्ष कपिल सिब्बल, गोपाल सुब्रमण्यम, राजीव धवन, दुष्यंत दवे, गोपाल शंकरनायारणन और जफर शाह ने रखा था।
इस मामले पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संघ द्वारा लिया गया हर निर्णय राज्य की ओर से चुनौती के अधीन नहीं है। इससे अराजकता और अनिश्चितता पैदा होगी और राज्य का प्रशासन ठप हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू और कश्मीर में राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने का निर्देश दिया है। साथ ही, 30 सितंबर 2024 तक चुनाव कराने के निर्देश भी सर्वोच्च न्यायालय ने दिए हैं।
यह देखें: Article 370 हटाने पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर, जानिए फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने क्या-क्या कहा?












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