Article 370 हटाने पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर, जानिए फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने क्या-क्या कहा?
जम्मू-कश्मीर में विवादास्पद अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र के फैसले की संवैधानिक वैधता पर आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है। अनुच्छेद 370 को हटाने पर सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगा दी है। सर्वोच्य अदालत का मानना है कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया है, जैसा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 1 और 370 से स्पष्ट है।
सुप्रीम कोर्ट की पांच-न्यायाधीशों की पीठ ने 2 अगस्त से मामले पर दैनिक सुनवाई करने के बाद 5 सितंबर को याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने इस मामले में फैसला सुनाया। इस पीठ में जस्टिस संजय किशन कौल, संजीव खन्ना, बीआर गवई और सूर्यकांत शामिल हैं।

फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा,"संघ द्वारा लिया गया हर निर्णय राज्य की ओर से चुनौती के अधीन नहीं है...इससे अराजकता और अनिश्चितता पैदा होगी और राज्य का प्रशासन ठप हो जाएगा..."
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि याचिकाकर्ताओं का यह तर्क कि केंद्र सरकार राष्ट्रपति शासन के दौरान राज्य में अपरिवर्तनीय परिणामों वाली कार्रवाई नहीं कर सकती, स्वीकार्य नहीं है।
सर्वोच्य न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि आर्टिकल 370 को हटाना सही था। जम्मू-कश्मीर भारत का एक अभिन्न अंग है।
फैसले की बड़ी बातें
- जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का फैसला संवैधानिक तौर पर सही था।
- राष्ट्रपति को आर्टिकल 370 हटाने का हक है।
- आर्टिकल 370 एक अस्थाई प्रावधान था। जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। जम्मू कश्मीर के पास कोई आंतरिक संप्रभुता नहीं थी।
- संविधान के सभी प्रावधान जम्मू कश्मीर पर लागू होते हैं। ये फैसला जम्मू कश्मीर के एकीकरण के लिए लिया गया था।
- जम्मू कश्मीर में जल्द राज्य का दर्जा बहाल हो।
- 30 सितंबर 2024 तक जम्मू कश्मीर में चुनाव कराए जाएं।
- लद्दाख केंद्र शासित क्षेत्र बना रहेगा: सुप्रीम कोर्ट












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