Neetu Maam: 'झालमुड़ी खाकर मुंह हो गया झाल', Khan Sir के बाद अंजना पर भड़कने वाली नीतू मैन कौन? Video वायरल
Neetu Maam: एक तरफ कोचिंग फायरिंग विवाद के कारण बिहार के लोकप्रिय टीचर खान सर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं तो वहीं दूसरी ओर मशहूर टीवी एंकर अंजन ओम कश्यप का 'दो कौड़ी के टीचर वाला' वाल मसला शांत ही नहीं हो रहा है। खान सर, बबीता मैम के बाद अब अंग्रेजी वाली टीचर नीतू मैम ने भी जमकर एंकर को कोसा है और उनका मजाक उड़ाया है।
अभी तक सबसे ज्यादा तल्ख अंदाज में खान सर ने अंजना ओम कश्यप को भला-बुरा सुनाया था लेकिन नीतू मैम उनसे आगे निकल गईं है और इसी कारण वो चर्चा का विषय बनी हुई हैं। आम तौर पर वो शांत स्वभाव के लिए जानी जाती हैं लेकिन इस बार से जिस तरह से उनका उग्र तेवर लोगों को नजर आया, उससे लोग भी हैरान हैं।

आपको बता दें कि नीतू मैम ने कहा कि 'पहले तो उनकी पूरी बात सुनिए वो 'यूट्यूब वाले टीचर जिन्हें ना जानना ना कौड़ी' बोलती हैं, जबकि होता है 'ना पैसा ना कौड़ी', वो कहती हैं कि 'कभी ये लोग ब्लैक बोर्ड लेकर कुछ एक्सप्लेनर बनाते हैं', तो मैं बता दूं कि ब्लैक बोर्ड में एक्सप्लेनर नहीं बनता, स्मार्ट फोन पर बनता है।'
'टीचर्स से ईर्ष्या हो रही है', नीतू मैम का वीडियो वायरल
इसके बाद नीतू मैम बोलती हैं कि 'वो इतने साल की पत्रकारिता के बाद जितना फॉलोअर्स लेकर बैठी हैं, उतना हम एक-दो साल ही में लेकर बैठ गए, इसलिए वो बेचारी छटपटा रही हैं। तो उसको टीचर्स से ईर्ष्या हो रही है, अभी फिलहाल हॉट टॉपिक बनना चाहिए कि जीडी एग्जाम -SSB परीक्षा में इतनी धांधली क्यों हई? इन सबके खिलाफ जो तीन टीचर्स आवाज उठा रहे थे, उनका कोचिंग सील हो गया लेकिन इनकी बातें कोई नहीं कर रहा।'
'झालमुड़ी खाकर मुंह भी झाल हो गया उसका', अंजना पर भड़कीं नीतू मैम
'हम महत्वपूर्ण मुद्दों को भूल गए और हमलोग पड़ गए किसके पीछे, 'जो झालमुड़़ी खाती है', 'जो मैलोडी खाती है'। टेलिप्रोमटर के बिना एक संवाद सही से नहीं बोला गया उससे, झालमुड़ी खाकर मुंह भी झाल हो गया उसका, दो दिन तक मेलोडी खाई है वो और 8-10 दिन बंगाल में झालमुड़ी खाई है इसलिए मुंह तीखा हो गया है।'
नीतू मैम के वीडियो ने काटा गदर
नीतू मैम का ये वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है और लोग जमकर उस पर कमेंट कर रहे हैं। हालांकि कुछ लोग नीतू मैम के समर्थन में बात कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोग उनके खिलाफ भी बयानबाजी कर रहे हैं।

'घूंघट उठाकर खान सर की पत्नी का चेहरा देखा था'
आपको बता दें कि नीतू मैम समेत कई यूट्यूबर इस मामले में एक हो गए हैं। तो वहीं मालूम हो कि नीतू मैम अकेली महिला टीचर थीं, जो कि पिछले साल खान सर की शादी के रिसेप्शन में पहुंची थीं और इन्होंने ही घूंघट उठाकर खान सर की पत्नी का चेहरा देखा था, बाकी किसी ने उनकी शक्ल आज तक नहीं देखी है।
कौन हैं नीतू मैम?
दिल्ली के मुखर्जी नगर में केडी कैंपस शुरू करने वाली नीतू मैम आज किसी भी परिचय की मोहताज नहीं हैं, अपनी कड़ी मेहनत से शिक्षा के क्षेत्र में अलग पहचान रखने वाली नीतू मैम का नाम नीतू सिंह है। अपनी अंग्रेजी क्लास के लिए लोकप्रिय नीतू सिंह ऑन लाइन और ऑफ लाइन दोनों क्लासेज लेती हैं, जिसमें हजारों की संख्या में छात्र शामिल होते हैं। कोविड के दौरान केडी कैंपस लाइव शुरू करने वाली नीतू मैम के आज मीलियन फॉलोअर्स हैं।

2015 में कैडी कैंपस शुरू किया,आज बनीं लोकप्रिय अंग्रेजी मैम
तीन साल की उम्र में अपने पिता को खोने वाली नीतू सिंह ने झारखंड के गिरिडीह के कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल से दसवीं और वाराणसी के सेंट जॉन्स स्कूल से बारहवीं की पढ़ाई की है। 12 वीं की पढ़ाई के साथ ही इन्होंने अपने होमटाउन गिरिडीह से बच्चों को कोचिंग पढ़ाना शुरू किया और 'पैरामाउंट कोचिंग सेंटर' शुरू किया और इसके बाद इन्होंने गिरिडीह से ही विनोबा भावे विश्वविद्यालय से स्नातक किया और दिल्ली विवि से एलएलबी किया लेकिन इन्होंने प्रैक्टिस के साथ आर्थिक तंगी से लड़ते हुए ट्यूशन जारी रखते हुए 2015 में कैडी कैंपस शुरू किया जिसमें आज हजारों छात्र पढ़ते हैं।
क्या कहा था खान सर ने?
अंजना ओम कश्यप पर तंज कसते हुए खान सर ने कहा था कि पहले तो ये लोग अपना नॉलेज चेक करें। खान सर ने उनकी पोस्ट में एक स्पेलिंग की गलती निकाली और तंज कसते हुए कहा था कि 'यूट्यूब शिक्षकों पर सवाल उठाने वालों को पहले अपनी बुनियादी जानकारी ठीक करनी चाहिए और अगर सच में हिम्मत है तो किसी भी मुद्दे पर हमसे बहस के लिए तैयार रहें।'
क्या है 'दो कौड़ी के शिक्षक' विवाद, कैसे फंसीं अंजना ओम कश्यप?
वरिष्ठ टीवी एंकर अंजना ओम कश्यप एक बयान को लेकर विवादों में हैं, जिसकी शुरुआत तब हुई जब एक चर्चा के दौरान उन्होंने कुछ यूट्यूब और ऑनलाइन शिक्षकों को लेकर कथित तौर पर "दो कौड़ी का ज्ञान" देने वाला बताया। यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और शिक्षकों व छात्रों के एक वर्ग ने इसे पूरे ऑनलाइन शिक्षक समुदाय का अपमान बताया।
ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े कई चर्चित शिक्षकों और कंटेंट क्रिएटर्स ने इस बयान का विरोध किया। उनका कहना है कि यूट्यूब और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने लाखों छात्रों को कम लागत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई है, खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में। छात्रों ने भी सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा करते हुए ऑनलाइन शिक्षकों के समर्थन में पोस्ट किए हैं।














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