Bihar MLC Election 2026 BJP Candidate List: संजय मयूख-पवन सिंह समेत BJP के MLC उम्मीदवारों में कौन-कौन?

Bihar MLC Election 2026 BJP Candidate List: बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर सियासी गलियारों में जोरदार सरगर्मी है। NDA की प्रमुख घटक भाजपा ने अपने उम्मीदवारों के नाम लगभग फाइनल कर लिए हैं। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति और प्रदेश नेतृत्व जातीय संतुलन, वफादारी और भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखकर चयन कर रहा है। संजय मयूख, पवन सिंह, अनिल ठाकुर और शीला पंडित जैसे नाम सामने आए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा सवर्ण, पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग से संतुलित उम्मीदवार सूची में हो हैं। यह चुनाव बिहार की सत्ता समीकरण को और मजबूत करने का मौका है, क्योंकि 10 सीटों पर चुनाव और उपचुनाव होने हैं। आइए विस्तार से जानते हैं सभी की प्रोफाइल...

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Who Is Sanjay Maykh: कौन हैं संजय मयूख? तीसरी बार की तैयारी?

भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी और वर्तमान MLC संजय मयूख (कायस्थ) का नाम सबसे मजबूत दावेदारों रहा। उनका कार्यकाल 28 जून 2026 को पूरा हो रहा है। पार्टी में उनकी पकड़ मजबूत है और दिल्ली में अमित शाह के करीबी माने जाते हैं।

कुछ चर्चाओं में उन्हें बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव लड़ाने की बात भी हुई, लेकिन सूत्र बताते हैं कि MLC पर रिपीट करने की संभावना अधिक है। संजय मयूख बिहार में पार्टी की छवि और मीडिया प्रबंधन संभालते रहे हैं। अगर वे तीसरी बार MLC बने, तो यह उनकी निरंतरता और पार्टी में बढ़ती भूमिका को दर्शाएगा।

Who Is Pawan Singh: पवन सिंह भोजपुरी स्टार का राजनीतिक एंट्री?

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भोजपुरी गायक और अभिनेता पवन सिंह (जिन्हें पवन सिंह के नाम से जाना जाता है) का नाम भी BJP MLC सूची में शामिल है। हाल के वर्षों में पवन सिंह ने राजनीतिक रुझान दिखाया है और भाजपा से जुड़ाव की खबरें आई हैं। उनका लोकप्रियता आधार ग्रामीण और युवा वोट बैंक में मजबूत माना जाता है। पार्टी उन्हें MLC के जरिए मुख्यधारा की राजनीति में लाकर बिहार के सांस्कृतिक और राजनीतिक विस्तार में इस्तेमाल करना चाहती है।

Who Is Sheela Pandit: शीला पंडित कौन है?

शीला पंडित बिहार की एक सक्रिय सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता हैं, जिनका जन्म 14 जनवरी 1976 को भोजपुर जिले के नरवीरपुर गांव में हुआ था। उनके पिता पी.डी. पंडित नौसेना अधिकारी थे, जबकि उनकी माता सोनमती देवी गृहिणी थीं। उन्होंने विनायक मिशन विश्वविद्यालय, तमिलनाडु से एमबीए (एचआर), आरपीएस कॉलेज, पटना से बी.एड. और एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय, मुंबई से बीए की पढ़ाई पूरी की। राजनीति में आने से पहले वे ईशान इंटरनेशनल गर्ल्स स्कूल में वरिष्ठ अंग्रेजी शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं।

अत्यंत पिछड़े वर्ग से आने वाली शीला पंडित ने सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। वे पहली बार पटना जिला परिषद की सदस्य चुनी गईं और वर्ष 2010 में लगभग 10 हजार मतों के अंतर से जीत हासिल की। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कई अभियान चलाए, जिनमें "दिया बचाओ, भारत बचाओ" विशेष रूप से चर्चित रहा। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई कार्यक्रमों में भाग लिया तथा 2016 में एनआईआरडी, हैदराबाद में सत्ता के विकेंद्रीकरण पर व्याख्यान भी दिया। बाद में वे भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष और फिर बिहार भाजपा की राज्य सचिव बनीं।

Who Is Anil Kumar Thakur: कौन हैं अनिल कुमार ठाकुर? बिहार BJP के नए प्रदेश उपाध्यक्ष का सियासी सफर

अनिल कुमार ठाकुर बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, जिन्हें हाल ही में पार्टी ने प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। पूर्णिया जिले के जलालगढ़ क्षेत्र से आने वाले अनिल ठाकुर सीमांचल में भाजपा के प्रमुख ओबीसी चेहरों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र और सामाजिक गतिविधियों से की और धीरे-धीरे भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक अपनी पहचान बनाई।

भाजपा के संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और पंचायत स्तर तक पार्टी को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वे बिहार भाजपा के प्रदेश सचिव और प्रदेश मंत्री जैसे अहम पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। 29 मई 2026 को घोषित बिहार भाजपा की नई प्रदेश टीम में उन्हें उपाध्यक्ष बनाया गया, जिसे उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव का सम्मान माना जा रहा है।

पूर्णिया, अररिया, कटिहार और किशनगंज सहित सीमांचल क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वर्तमान में वे संगठनात्मक समन्वय और चुनावी रणनीति की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

MLC चुनाव की प्रक्रिया और महत्व को समझें

बिहार विधान परिषद की कुल 75 सीटें हैं। इनमें से कुछ सीटें निर्वाचन क्षेत्र (टीचर, ग्रेजुएट, लोकल अथॉरिटीज) से भरी जाती हैं। 2026 में करीब 10 सीटें खाली हो रही हैं या उपचुनाव हैं।

MLC चुनाव अप्रत्यक्ष होता है। विधायकों, स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों, शिक्षकों और स्नातकों का इलेक्टोरल कॉलेज वोट करता है। इसलिए उम्मीदवार चयन में जाति, क्षेत्रीय संतुलन और वफादारी अहम भूमिका निभाती है।

NDA रणनीति क्या है?

भाजपा, JD(U) और अन्य सहयोगी मिलकर 9 सीटों पर दावा ठोक रहे हैं। एक सीट पर विपक्ष (RJD) मजबूत है। हालिया उपचुनाव में RJD की जीत NDA के लिए चेतावनी थी, इसलिए इस बार और सावधानी बरती जा रही है।

BJP की MLC रेस में क्यों इतना घमासान?

  • जातीय समीकरण: बिहार में हर चुनाव जाति के इर्द-गिर्द घूमता है। भाजपा सवर्ण (कायस्थ, राजपूत, ब्राह्मण), EBC और OBC को संतुलित टिकट देना चाहती है।

पार्टी जल्द आधिकारिक घोषणा कर सकती है। नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून के आसपास बताई जा रही है।

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