Digital Strike: वो 14 मैसेंजर ऐप कौन-कौन से हैं, जिन्हें सरकार ने किया है ब्लॉक, देखें लिस्ट
मोदी सरकार ने 14 ऐप्स को बैन कर दिया। जिसका इस्तेमाल आतंकी करते थे। इससे पहले फरवरी में 200 से ज्यादा ऐप्स को बैन किया गया था।

मोदी सरकार ने देश में एक और डिजिटल स्ट्राइक की है, जहां सोमवार को 14 मोबाइल मैसेंजर ऐप्स को ब्लॉक कर दिया गया। इनका इस्तेमाल पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन कर रहे थे। आइए जानते हैं कौन हैं वो ऐप्स-
क्रिपवाईजर (Crypviser)
एनिग्मा (Enigma)
सेफस्विस (Safeswiss)
विक्रम (Wickrme)
मेडिफायर (Mediafire)
ब्रिआर (Briar)
बीचैट (BChat)
नैंडबॉक्स (Nandbox)
आईएमओ (IMO)
एलिमेंट (Element)
सेकेंड लाइन (Second line)
कोनियन (Conion)
जांगी (Zangi)
थ्रीमा (Therema)
फरवरी में हुई थी बड़ी कार्रवाई
इससे पहले आर्थिक मामलों से जुड़े ऐप्स पर भारत सरकार ने कार्रवाई की थी, जिसके तहत फरवरी में 200 से ज्यादा ऐप बैन किए गए। इसमें 138 ऐप तो सट्टाबाजी से जुड़े थे, जबकि 94 ऐप के जरिए लोन दिया जा रहा था।
कई पॉपुलर ऐप भी बैन
भारत सरकार कई साल से ये डिजिटल स्ट्राइक कर रही। जिसके तहत वक्त-वक्त पर ऐसे ऐप्स को बैन किया जाता है, जो देश या फिर नागरिकों की प्राइवेसी के लिए खतरा हों। इसके तहत टिकटॉक, पबजी जैसे लोकप्रिय ऐप्स को भी बैन किया गया, जो लोगों का डेटा लीक कर रहे थे।
कैसे आतंकी करते थे इन ऐप्स का इस्तेमाल
जम्मू-कश्मीर में सिमकार्ड को लेकर काफी सख्तियां हैं। साथ ही आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोगों की कॉल ट्रैस भी की जाती हैं। इस वजह से आतंकी ऐसे ऐप्स का इस्तेमाल करते थे, जिनको सुरक्षा एजेंसियां ट्रैस ना कर पाएं। इसके जरिए कॉल और मैसेजिंग दोनों हो जाती थी।
OGW से करते थे को-ऑर्डिनेट
आतंकी और कश्मीर में उनके ऑन-ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) इन ऐप्स का इस्तेमाल करके को-ऑर्डिनेट करते थे। इसका पता सुरक्षा एजेंसियों को नहीं लग पाता था। ऐसे में उनकी लिस्ट तैयार कर देशभर में इसे बैन कर दिया गया।
आतंकियों के सफाए का अभियान जारी
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद से आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज कर दिया गया। उनकी फंडिंग से लेकर डिजिटल लेवल पर हर जगह कार्रवाई की जा रही। इस वजह से घाटी में आतंकियों की संख्या न्यूनतम रह गई है।












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