क्या मिलिट्री बेस के बदले मालदीव को मिली है भारत से आर्थिक मदद?
नई दिल्ली। मालदीव में बनी नई सरकार को भारत ने आर्थिक मदद दी है। इस बीच मीडिया में खबर थी कि भारत ने आर्थिक मदद देकर बदले में मलेशिया पर उनके देश में मिलिट्री बेस बनाने का दबाव डाला था। हालांकि, गुरुवार को भारत के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि मलेशिया को दिये 1.4 बिलियन डॉलर की आर्थिक मदद के बदले में उनसे मिलिट्री फैसिलिटी से जुड़ी ऐसी कोई मांग नहीं की है। सरकार इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि मलेशिया में भारत ने कोई मिलिट्री बेस लेने की इच्छा नहीं जताई है।

सोलिह से नहीं हुई ऐसी कोई चर्चा
भारतीय अधिकारियों ने कहा कि इसी महीने मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने जब नई दिल्ली की यात्रा की थी, उस वक्त उनके साथ ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है। सरकारी सूत्रों ने कहा, 'वित्तीय सहायता देने के बदले में भारत सरकार ने मालदीव सरकार से उनकी जमीन पर किसी भी मिलिट्री बेस बनाने का आग्रह नहीं किया था।'

भारत ने दी है मालदीव को आर्थिक मदद
मालदीव चीन के भारी कर्ज में डूबा हुआ है, जिसकी इसी महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1.4 बिलियन डॉलर वित्तीय सहायता देने की घोषणा की थी। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय मुलाकात में हिंद महासागर में आपसी सुरक्षा सहयोग का वादा किया था।

यामीन के वक्त दोनों देशों के रिश्ते हुए थे खराब
बता दें कि चीनी समर्थित अब्दुल्ला यामीन की सरकार के दौरान भारत और मालदीव के बीच सबसे ज्यादा बिगड़ थे। इसी साल फरवरी में यामीन ने जब मालदीव में आपातकाल थोपा, तब भारत ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की थी। उस दौरान भारत ने अपने पड़ोसी देश में लगे आपातकाल की आलोचना करते हुए कानून का पालन करने के लिए आग्रह किया था। हालांकि, 45 दिनों के बाद मालदीव से आपातकाल हटा दिया गया था।












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